3. बुल पुट स्प्रेड को समझना और उपयोग करना

icon

बुल पुट स्प्रेड क्या है ?

बुल पुट स्प्रेड एक ऑप्शन स्ट्रेटर्जी है जो एक निवेशक तब काम में लेता है जब वह अंतर्निहित एसेट की कीमत में मध्यम वृद्धि की उम्मीद करते हैं। इस रणनीति में एक रेंज बनाने के लिए दो पुट ऑप्शन को नियुक्त किया जाता है, जिसमें एक हाई स्ट्राइक प्राइस और एक लो स्ट्राइक प्राइस वाला ऑप्शन होता है। निवेशक को दोनों ऑप्शन के प्रीमियमों के अंतर से नेट क्रेडिट मिलता है।

निवेशक आमतौर पर स्टॉक की कीमत गिरने से मुनाफा कमाने के लिए पुट ऑप्शन का उपयोग करते हैं, क्योंकि एक पुट ऑप्शन उन्हें क्षमता देता है – ना कि कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी  या उससे पहले स्टॉक बेचने की बाध्यता देता है।  हर पुट ऑप्शन में एक स्ट्राइक प्राइस होता है, जो वह मूल्य होता है जिस पर ऑप्शन अंतर्निहित स्टॉक में परिवर्तित होता है। पुट ऑप्शन खरीदने के लिए निवेशक प्रीमियम का भुगतान करते हैं।

पुट ऑप्शन से लाभ और हानि

निवेशक आमतौर पर किसी स्टॉक पर बेयरिश होने पर पुट ऑप्शन खरीदते हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें उम्मीद है कि शेयर की कीमत ऑप्शन के स्ट्राइक प्राइस से नीचे आएगी। हालांकि, बुल पुट स्प्रेड को स्टॉक के बढ़ने से मुनाफा कमाने के लिए बनाया गया है। अगर स्टॉक एक्सपायरी के समय स्ट्राइक प्राइस से ऊपर होता है, तो पुट ऑप्शन बेकार हो जाता है, क्योंकि कोई भी शेयर को बाजार मूल्य से कम स्ट्राइक प्राइस पर नहीं बेचेगा। इसकी वजह से,  वह निवेशक जिसने पुट खरीदा है, वह उनके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम को खो देता है।

दूसरी तरफ, एक निवेशक जो पुट ऑप्शन बेचता है, वह यह उम्मीद करता है कि स्टॉक की कीमत कम न हो, पर स्ट्राइक से ऊपर उठ जाए ताकि पुट ऑप्शन बेकार हो जाए। एक ऑप्शन सेलर- ऑप्शन राइटर- शुरू में ऑप्शन बेचने के लिए प्रीमियम प्राप्त करता है और उस राशि को अपने पास रखना चाहता है। हालांकि, अगर स्टॉक स्ट्राइक के नीचे गिरता है, तो पुट विक्रेता को कीमत चुकानी होती है। ऑप्शन धारक को मुनाफा होता है और वह अपने ऑप्शन का प्रयोग करेंगे और अपने शेयर को हाई स्ट्राइक प्राइस पर बेचेंगे। दूसरे शब्दों में, विक्रेता के खिलाफ पुट ऑप्शन  का प्रयोग किया जाता है।

विक्रेता द्वारा प्राप्त प्रीमियम को इस बात के आधार पर कम किया जाएगा कि पुट ऑप्शन की स्ट्राइक के मुकाबले में शेयर की कीमत कितनी नीचे आती है। बुल पुट स्प्रेड को इसलिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि विक्रेता स्टॉक के मूल्य में गिरावट आने पर भी पुट ऑप्शन को बेचने से अर्जित प्रीमियम को रख सके।

बुल पुट स्प्रेड का निर्माण

एक बुल पुट स्प्रेड में दो पुट ऑप्शन होते हैं। सबसे पहले, एक निवेशक एक पुट ऑप्शन खरीदता है और प्रीमियम का भुगतान करता है। इसके बाद, निवेशक एक प्रीमियम प्राप्त करते हुए खरीदे गए स्ट्राइक मूल्य पर दूसरा पुट ऑप्शन बेचता है। दोनों ऑप्शन की एक्स्पायरी डेट एक ही होती है। 

ज्यादा स्ट्राइक प्राइस वाले पुट को बेचने से कमाया गया प्रीमियम, कम स्ट्राइक वाले पुट के लिए भुगतान की गई कीमत से ज्यादा होता है। व्यापार की शुरुआत में, निवेशक को दो पुट ऑप्शंस में से प्रीमियम का कुल अंतर प्राप्त होता है। एक अंतर्निहित स्टॉक पर बुलिश होने वाले निवेशक सीमित डाउनसाइड के साथ अच्छा मुनाफा कमाने के लिए बुुल पुट स्प्रेड का उपयोग कर सकते हैं।  हालांकि, इस रणनीति से नुकसान का खतरा भी रहता है।

बुल पुट मुनाफा और घाटा

एक बुल पुट स्प्रेड के लिए अधिकतम मुनाफा पुट बेचने से मिलने वाले पैसे और खरीदे गए पुट के लिए भुगतान की गयी राशि के बीच के अंतर के बराबर होता है। दुसरे शब्दों में, जो शुरू में नेट क्रेडिट मिलता है वही यहाँ अधिकतम लाभ है, जो सिर्फ तब ही होता है जब स्टॉक की कीमत एक्सपायरी पर उच्च स्ट्राइक मूल्य से ऊपर एक्सपायर होती है।

बुल पुट स्प्रेड की स्ट्रेटर्जी का लक्ष्य तब हासिल होता है जब अंतर्निहित एसेट की कीमत स्ट्राइक प्राइस से ऊपर रहती है। इसकी वजह से बेचा हुआ ऑप्शन बेकार ही एक्सपायर हो जाता है। यह इस वजह से बेकार हो जाता है क्योंकि कोई भी इसका उपयोग नहीं करना चाहेगा, अगर इसकी कीमत बाजार मूल्य से कम है तो कोई स्ट्राइक मूल्य पर अपने शेयरों को बेचना नहीं चाहेगा।

इस स्ट्रेटर्जी का एक नुकसान यह है कि यह कमाए हुए मुनाफे को सीमित करता है अगर स्टॉक बिके हुए पुट ऑप्शन के ऊपरी स्ट्राइक मूल्य से ऊपर उठता है। निवेशक प्रारंभिक क्रेडिट को तो कमा लेगा लेकिन भविष्य में होने वाले किसी भी मुनाफे से चूक जाएगा।

अगर स्टॉक, रणनीति में ऊपरी स्ट्राइक से नीचे होता है, तो निवेशक का पैसा खोना शुरू हो जाएगा क्योंकि पुट ऑप्शन का उपयोग होने की संभावना होगी। बाजार में हर कोई इस ज्यादा आकर्षक, स्ट्राइक मूल्य पर अपने शेयर बेचना चाहेगा।

हालांकि, निवेशक को शुरुआत में रणनीति के लिए नेट क्रेडिट प्राप्त हुआ है। यह क्रेडिट नुकसान के लिए कुछ राहत प्रदान करता है। एक बार जब स्टॉक कमाए गए क्रेडिट के मूल्य से भी ज्यादा गिर जाता है, तो निवेशक ट्रेड पर पैसा खोना शुरू कर देता है।

अगर स्टॉक की कीमत लोअर स्ट्राइक पुट ऑप्शन से नीचे आती है, तो खरीदे गए पुट ऑप्शन -  दोनों ऑप्शन पर नुकसान होगा और स्ट्रैटेजी के लिए अधिकतम नुकसान होता है। यहाँ अधिकतम नुकसान स्ट्राइक प्राइस  और प्राप्त नेट क्रेडिट के बीच के अंतर के बराबर है।

फायदा -

1 - निवेशक रणनीति की शुरुआत में भुगतान किए गए नेट क्रेडिट से आय अर्जित कर सकते हैं।

2 - रणनीति पर अधिकतम नुकसान सीमित और पहले से पता होता है। 

नुकसान -

1 - नुकसान का जोखिम, इसकी अधिकतम सीमा पर, स्ट्राइक प्राइस और भुगतान किए गए नेट क्रेडिट के बीच का अंतर के बराबर होता है।

2 - रणनीति में लाभ क्षमता सीमित होती है और अगर भविष्य में शेयर की कीमत अपर स्ट्राइक प्राइस से ऊपर उठती है तो निवेशक लाभ से चूक जाता है।

निष्कर्ष

अब जब हम बुल पुट स्प्रेड की बारीकियों को समझते हैं, तो चलिए, अगले अध्याय में बेयर कॉल स्प्रेड को अच्छे से जानते व समझते हैं।

अब तक आपने पढ़ा

  • बुल पुट स्प्रेड एक ऑप्शन रणनीति है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब निवेशक अंतर्निहित एसेट की कीमत में मामूली वृद्धि की उम्मीद करता है।
  • रणनीति में, शुरू में एक क्रेडिट का भुगतान करना होता है और एक उच्च स्ट्राइक प्राइस और कम स्ट्राइक प्राइस से युक्त रेंज बनाने के लिए दो पुट ऑप्शन का उपयोग करती है।
  • अधिकतम नुकसान स्ट्राइक प्राइस और प्राप्त नेट क्रेडिट के अंतर के बराबर होता है।
  • अधिकतम लाभ, जो नेट क्रेडिट है, केवल तब होता है जब स्टॉक की कीमत एक्सपायरी पर उच्च स्ट्राइक मूल्य से ऊपर बंद होती है।
icon

अपने ज्ञान का परीक्षण करें

इस अध्याय के लिए प्रश्नोत्तरी लें और इसे पूरा चिह्नित करें।

टिप्पणियाँ (0)

एक टिप्पणी जोड़े

Get Information Mindfulness!

Catch-up With Market

News in 60 Seconds.


The perfect starter to begin and stay tuned with your learning journey
anytime and anywhere.

Visit Website
logo logo

Get Information Mindfulness!

Catch-up With Market

News in 60 Seconds.

logo

The perfect starter to begin and stay tuned with your learning journey anytime and anywhere.

logo
logo

के साथ व्यापार करने के लिए तैयार?

logo