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फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट एक्ज़ीक्यूशन को समझना

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फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट  दो पक्षों के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट होता है, जहां दोनों पक्ष भविष्य में एक निर्धारित तिथि पर, निश्चित मात्रा में, पूर्व निर्धारित मूल्य पर एक एसेट को खरीदने और बेचने के लिए सहमत होते हैं।

एसेट का भुगतान और डिलीवरी भविष्य की एक तारीख पर होती है, जिसे डिलीवरी तारीख कहा जाता है। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के खरीदार को लॉन्ग पोजीशन रखने वाला कहा जाता है। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के विक्रेता को शॉर्ट पोजीशन होल्ड करने के तौर पर जाना जाता है।

फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में अंतर्निहित संपत्ति कमोडिटी, स्टॉक, मुद्राएं, ब्याज दर और बॉन्ड हो सकती हैं। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को एक मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर आयोजित किया जाता है। एक्सचेंज, पार्टियों के बीच मध्यस्थ और सहायक के रूप में काम करता है। शुरुआत में, दोनों पार्टियों को एक्सचेंज द्वारा आवश्यक, मार्जिन के रूप में पहचाने जाने वाले, कॉन्ट्रैक्ट के हिस्से के रूप में एक नॉमिनल अकॉउंट रखना होता है।

चूंकि फ्यूचर्स की कीमतें हर दिन बदलती हैं,  इसलिए कीमतों के बीच के अंतर को मार्जिन के आधार पर प्रतिदिन सेटल किया जाता है। अगर मार्जिन का उपयोग किया जाता है, तो कॉन्ट्रैक्ट के मालिक को खाते में मार्जिन वापस जमा करना होगा। इस प्रक्रिया को मार्क-टु-मार्केट कहा जाता है। इस प्रकार, डिलीवरी के दिन केवल स्पॉट प्राइस को कीमतों के बीच अंतर को तय करने के लिए उपयोग किया जाता है, क्योंकि बाकी सभी अंतर पहले से सेटल हो चुके होते हैं।  

फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को समझना

फ्यूचर्स डेरिवेटिव वो वित्तीय कॉन्ट्रैक्ट हैं जो पार्टियों को पूर्व निर्धारित तारीख और मूल्य पर किसी संपत्ति का लेन-देन करने के लिए बाध्य करते हैं। यहां खरीदार को अंतर्निहित संपत्ति की खरीद या विक्रेता को इसकी बिक्री, वर्तमान बाजार मूल्य की परवाह किए बिना, एक्सपायरी के दिन, निर्धारित मूल्य पर करनी होती है।

अंतर्निहित परिसंपत्तियों में कमोडिटी और अन्य वित्तीय साधन शामिल हैं। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट अंतर्निहित परिसंपत्ति की मात्रा के बारे में बताते हैं और फ्यूचर्स एक्सचेंज पर व्यापार की सुविधा के लिए मानकीकृत होते हैं। फ्यूचर्स का उपयोग हेजिंग या ट्रेड स्पेक्यूलेशन के लिए किया जा सकता है।

"फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट" और "फ्यूचर्स" एक ही बात को संदर्भित करते हैं। उदाहरण के लिए, आप किसी व्यक्ति को कहते हैं कि उन्होंने ऑयल फ्यूचर्स खरीदा है, जिसका अर्थ है कि उन्होंने तेल का फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट खरीदा है। जब कोई ‘फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट’ कहता है तो वो आमतौर पर एक विशेष प्रकार के फ्यूचर की बात कर रहे होते हैं, जैसे तेल, सोना, बॉन्ड या एस एंड पी 500  सूचकांक फ्यूचर्स। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट तेल में निवेश करने के सबसे प्रत्यक्ष तरीकों में से एक है। "फ्यूचर्स" शब्द बहुत सामान्य है, और अक्सर इसका उपयोग पूरे बाजार को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, जैसे "वे एक फ्यूचर्स व्यापारी हैं।"

फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट, फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स से उलट, मानकीकृत होते हैं। फॉरवर्ड इसी प्रकार के अग्रीमेंट होते हैं जो वर्तमान में भविष्य की कीमत पर लॉक होते हैं, लेकिन इसका कारोबार ओवर-द-काउंटर होता है और दोनों पार्टियों के बीच की शर्तें कस्टमाइज की जा सकती हैं। दूसरी ओर, फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में शर्तें सभी के लिए समान रहती हैं, चाहे पार्टियां कोई भी हों।   

फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट  का उदाहरण

फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट का उपयोग बाजार सहभागियों की दो श्रेणियों, हेजर और स्पेक्यूलेटर, द्वारा किया जाता है। एक अंतर्निहित संपत्ति के उत्पादक या खरीदार उस कीमत की गारंटी देते हैं जिस पर सामान बेचा या खरीदा जाता है, जबकि पोर्टफोलियो प्रबंधक और व्यापारी फ्यूचर्स का उपयोग करके अंतर्निहित संपत्ति के मूल्य गतिविधियों पर शर्त लगा सकते हैं।

एक तेल उत्पादक को अपना तेल बेचने की आवश्यकता होती है। वे फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट का उपयोग कर सकते हैं। इस तरह से वे उस मूल्य को लॉक कर सकते हैं जिस पर वे तेल बेचेंगे और तब फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायर होने पर खरीदार को तेल डिलीवर करेंगे। इसी तरह, एक निर्माण कंपनी को मशीन बनाने के लिए तेल की आवश्यकता हो सकती है। चूंकि वे आगे की योजना बनाना पसंद करते हैं और प्रत्येक महीने में तेल आता है इसलिए वे भी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट  का उपयोग कर सकते हैं। इस तरह वे पहले से ही जानते हैं कि वे तेल  के लिए कितना भुगतान करेंगे(फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट का मूल्य) और उन्हें पता है कि कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायर होने के बाद वे तेल की डिलीवरी ले लेंगे।

फ्यूचर्स विभिन्न प्रकार की परिसंपत्तियों पर उपलब्ध होते हैं। शेयर बाजार सूचकांक, कमोडिटी और मुद्राओं पर भी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट मौजूद हैं।

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फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की प्रक्रिया

कल्पना कीजिए कि एक तेल उत्पादक अगले साल एक मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करेगा। यह डिलीवरी के लिए 12 महीने में तैयार हो जाएगा। मान लें कि वर्तमान मूल्य 75 डॉलर प्रति बैरल है। निर्माता, तेल का उत्पादन कर सकता है और फिर इसे आज से एक साल बाद बाजार की मौजूदा कीमतों पर बेच सकता है।

तेल की कीमतों की अस्थिरता को देखते हुए उस समय बाजार मूल्य, वर्तमान मूल्य से बहुत अलग हो सकता है। अगर तेल उत्पादकों को लगता है कि तेल की कीमत एक वर्ष में बढ़ जाएगी तो वे अभी किसी कीमत पर लॉक ना करने का विकल्प चुन सकते हैं। लेकिन अगर उन्हें लगता है कि 75 डॉलर एक अच्छी कीमत है तो वे फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में प्रवेश करके एक गारंटीकृत बिक्री मूल्य को लॉक कर सकते हैं।

फ्यूचर्स की कीमत लगाने के लिए एक गणितीय मॉडल का उपयोग किया जाता है, जो वर्तमान स्पॉट मूल्य, रिटर्न की जोखिम-मुक्त दर, मैच्योरिटी का समय, स्टोरेज लागत, डिविडेंड और डिविडेंड यील्ड को ध्यान में रखता है। मान लें कि एक साल के तेल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 78 डॉलर प्रति बैरल है। इस कॉन्ट्रैक्ट में प्रवेश करके उत्पादक को एक वर्ष में एक मिलियन बैरल तेल देने के लिए बाध्य किया जाता है और 78 डॉलर मिलियन प्राप्त करने की गारंटी दी जाती है। चाहे उस समय बाजार की कीमतें कहीं भी हो, लेकिन प्रति बैरल 78 डॉलर मूल्य प्राप्त होता है।

कॉन्ट्रैक्ट मानकीकृत है। उदाहरण के लिए, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर एक तेल कॉन्ट्रैक्ट 1,000 बैरल तेल के लिए है। इसलिए अगर कोई 100,000  बैरल तेल पर मूल्य (बिक्री या खरीद) को लॉक करना चाहता है तो उन्हें 100 कॉन्ट्रैक्ट खरीदने/ बेचने की आवश्यकता होगी। एक मिलियन बैरल तेल की कीमत को लॉक करने के लिए उन्हें 1,000 कॉन्ट्रैक्ट खरीदने/ बेचने की आवश्यकता होगी।

निष्कर्ष

तकनीकी विश्लेषण एक व्यापारिक अनुशासन है, जो निवेश का मूल्यांकन करने के लिए नियोजित किया जाता है और ट्रेडिंग गतिविधि से एकत्रित सांख्यिकीय रुझानों का विश्लेषण करके व्यापार के अवसरों की पहचान करता है, जैसे मूल्य गतिविधि और वॉल्यूम। अब आप समझ गए हैं कि फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को कैसे निष्पादित किया जाता है। अब हम अगले मॉड्यूल-  ऑप्शन ग्रीक पर चलते हैं।  

अब तक आपने पढ़ा

- फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट वित्तीय डेरिवेटिव हैं जो खरीदार को एक अंतर्निहित संपत्ति को पूर्व निर्धारित कीमत और तारीख पर खरीदने के लिए (या विक्रेता को उस संपत्ति को बेचने के लिए) बाध्य करता है।

- फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट एक निवेशक को सिक्योरिटी, कमोडिटी या वित्तीय साधन की दिशा के बारे में अनुमान लगाने की अनुमति देता है।

- फ्यूचर्स का उपयोग अक्सर अंतर्निहित संपत्ति की मूल्य गतिविधि को हेज करने के लिए किया जाता है ताकि प्रतिकूल मूल्य परिवर्तन से नुकसान को रोका जा सके।

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