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व्यक्तिगत वित्त

1. पर्सनल फाइनेंस की ज़रूरत: कमाई, खर्च और बचत से कहीं बढ़कर है पैसे का प्रबंधन

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30 साल के सुभाष से मिलिए। उसके पास एक स्थिर नौकरी है, वह हर महीने एक अच्छी रकम कमाता है और वह जानता है कि उस पैसे का प्रबंधन कैसे किया जाए। उनके पिता हाल ही में 40 से अधिक वर्षों बाद उसी कंपनी से रिटायर हुए हैं। अब 60 वर्ष से अधिक की आयु में सुभाष के पिता केवल एक चीज़ की इच्छा रखते हैं। वे हमेशा से एक कार लेना चाहते थे। लेकिन इस बड़ी खरीद के लिए वे पर्याप्त बचत नहीं कर पाए।

उनका प्रति महीने आय लगभग ₹50,000 थी और मासिक घरेलू खर्च ₹40,000 तक था।  सुभाष के पिता अपने परिवार की ज़रूरतों और आवश्यकताओं को पूरा करने में कामयाब रहे। लेकिन वे कभी अपनी उस महंगी इच्छा को पूरा नहीं कर पाए। यह जानकर  सुभाष ने हाल ही में अपने पिता को  सरप्राइज़ करने का फैसला किया। उन्होंने अपने पिता को रियटायरमेंट तोहफे में वही कार दी जिसे उनके पिता हमेशा से लेना चाहते थे। 

दोनों समान रूप से हैरान थे, सुभाष के पिता का एक ही सवाल था। शायद आपके पास भी वहीं सवाल होगा।

जब सुभाष के पिता ने 40 साल के करियर में इसे पाने का जोखिम नहीं उठाया, तो सुभाष ने 30 साल की उम्र में ऐसी खरीदारी करने का इंतज़ाम कैसे किया?

जवाब साफ है। सुभाष के पिता ने केवल अपने पैसे बचाए, इस बीच सुभाष ने इनका निवेश किया। सिर्फ बचत करने से पूंजी को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। लेकिन निवेश से इसे बढ़ाने में मदद मिलती है। और यहीं पर्सनल फाइनेंस काम आता है। यह केवल कमाई, खर्च और बचत से कहीं बढ़कर है। यह आपके व्यक्तिगत जीवन के लक्ष्यों पर आधारित फाइनेंशियल प्लान बनाने और उसका पालन करने में मदद करता है।

इस मॉड्यूल में हम पर्सनल फाइनेंस से संबंधित सभी प्रमुख बातों के बारे में जानेंगे। और यह जानेंगे कि कैसे  फाइनेंशियल प्लान आपके पैसे को बढ़ने में मदद कर सकता है। आइए कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दें जैसे कि पर्सनल फाइनेंस क्या है और पर्सनल फाइनेंस क्यों महत्वपूर्ण है।

पर्सनल फाइनेंस क्या है?

सरल शब्दों में, पर्सनल फाइनेंस आपके वित्त का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की कला है। इसमें बजट तैयार करना, फाइनेंशियल प्लान बनाना, बचत करना, सोच-समझकर खर्च करना और सबसे अहम, स्मार्ट तरीके से निवेश करना शामिल है। पहली नज़र में तो यह हमें बेहद आसान लगता है, है ना? लेकिन जब आप गहराई में जाते हैं तो आप देखेंगे कि पर्सनल फाइनेंस ऐसी चीज नहीं है जिसे आप रात भर में सीख लेंगे। अच्छी पर्सनल फाइनेंस  की आदतें डालने के लिए प्रतिबद्धता, समर्पण और मेहनत की ज़रूरत पड़ती है।

व्यक्तिगत स्तर पर पर्सनल फाइनेंस यह सुनिश्चित करता है कि आपका पैसा सबसे अच्छे तरीके से खर्च और निवेश किया जाए। लेकिन उस चरण तक पहुंचने के लिए आपको पर्सनल फाइनेंस में शामिल कई तत्वों के बारे में पता होना चाहिए। यह केवल खर्च और बचत से कहीं बढ़कर हैं। हमारे पहले उदाहरण से सुभाष के पिता का मामला लेते हैं। वह निश्चित ही अपने परिवार की ज़रूरतों के लिए पर्याप्त बचत करने में कामयाब रहे। लेकिन क्या इतना ही काफी है?

जाहिर है, नहीं। जैसा कि सुभाष के उदाहरण से पता लगता है कि पर्सनल फाइनेंस आपके मासिक खर्चों के पूरा होने के बाद की राशि की बचत करने से कहीं बढ़कर है।  इन अतिरिक्त पहलुओं को ही हम इस मॉड्यूल में बड़े पैमाने पर देखेंगे। इनमें आपके लक्ष्यों का आकलन, निवेश जोखिम सहने की आपकी क्षमता को मापना और भविष्य के लिए आपकी अपेक्षाएं जानना शामिल हैं।

इससे पहले कि हम उस चरण पर पहुंचें, एक महत्वपूर्ण सवाल पर ध्यान देते हैं कि पर्सनल फाइनेंस महत्वपूर्ण क्यों है? यह आपके जैसे व्यक्तियों के लिए क्यों ज़रूरी है?

पर्सनल फाइनेंस क्यों महत्वपूर्ण है?

पर्सनल फाइनेंस की आवश्यकता बहुमुखी है। हर व्यक्ति के आधार पर पर्सनल फाइनेंस कई प्रकार के फायदे देता है। कुछ लोगों के लिए, यह धन प्रबंधन को आसान बनाता है, अन्य लोगों के लिए यह उनके निवेश और फाइनेंशियल प्लानिंग को बेहतर बनाने में मदद करता है। आइए, पर्सनल फाइनेंस इतना महत्वपूर्ण क्यों है इसके पीछे के व्यापक कारणों पर एक नज़र डालते हैं।

यह आपके फाइनेंस को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है

जब आप अपने फाइनेंस को बेहतर ढंग से समझने लगते हैं तो आप अपने धन पर काबू पाने की शुरूआत करते हैं। आपको कुछ बुनियादी सवालों के जवाब ढूंढने की ज़रूरत होती है:

  • आपका मासिक बजट क्या है?
  • आपका कितना पैसा आप लग्ज़री उत्पादों और सेवाओं पर खर्च करते हैं?
  • और अपनी ज़रूरत की चीजों पर कितना खर्च करते हैं?
  • आपकी भविष्य की आवश्यकताएं क्या हैं?

पर्सनल फाइनेंस के लिए आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में जानना होता है। और ऐसा करने से आप बेहतर तरीके से समझ पाएंगे कि आप कितना कमाते हैं, कितना खर्च करते हैं और कितना बचत करते हैं। और इससे आप अपने वित्त को बेहतर तरीके से समझने लगते हैं। यह भविष्य में आपके द्वारा की जाने वाली फाइनेंशियल प्लानिंग की नींव रखता है।

यह आपको अपने निवेश की योजना बनाने में सक्षम बनाता है

जब आप अपने वित्त का ध्यान रखते हैं, तो निवेश की योजना बनाना आसान हो जाता है। हमारे पिछले उदाहरण में से सुभाष इसके लिए एक बेस्ट रोल मॉडल है। जब से उन्होंने 24 की उम्र में अपनी पहली तनख्वाह कमाई थी, तभी से वो लगातार अपने पैसे निवेश कर रहे हैं। यह केवल इसलिए संभव था क्योंकि उसने कुछ फाइनेंशियल प्लानिंग की थी जिससे  उसके निवेश सुव्यवस्थित हो गए। छोटी और लंबी अवधि के स्पष्ट लक्ष्यों के साथ आप पर्सनल फाइनेंस के ज़रिए स्मार्ट तरीके से निवेश कर सकते हैं।

यह आपको अत्यधिक ऋण लेने से रोकता है

EMI का विकल्प काफी लुभावना हो सकता है, क्योंकि यह ‘अभी खरीदें और बाद में भुगतान करें’ वाली सोच को बढ़ावा देता है। अक्सर इन ऋणों को आसानी से मैनेज किया जा सकता है, खासकर जब आपके पास एक अच्छी निरंतर, स्थिर आय हो। हालांकि कुछ लोग भारी ऋण ले लेते हैं जिसका भुगतान करना असंभव हो जाता है। और कर्ज का बोझ सहन करना एक बहुत बड़ा भार है।

लेकिन जब आप अपने फाइनेंस को संभालते हैं, तो आप ऐसे कर्ज़ों से दूर हो जाते हैं, जिनको आप शायद ना चुका पाएं। यह फाइनेंशियल प्लानिंग करने और अपने पर्सनल फाइनेंस पर नज़र रखने के के सबसे बड़े फायदों में से एक है। 

यह आपके धन और संपत्ति को बढ़ाने में मदद करता है

पर्सनल फाइनेंस आपको अपनी आवश्यकताओं के लिए बचत करने से एक कदम आगे ले जाता है। यह आपको सही निवेश विकल्प चुनने में मदद कर आपके पैसे को कई गुना बढ़ाने में मदद करता है। दूसरे शब्दों में पर्सनल फाइनेंस आवश्यक है क्योंकि यह आपको संपत्ति बनाने में मदद करता है, ताकि आपका भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे। सही फाइनेंशियल प्लानिंग के साथ  आप आराम से रिटायर हो सकते हैं और भविष्य में अपने सपनों और लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं।

निष्कर्ष

तो अब आप इस सवाल का जवाब जानते हैं कि पर्सनल फाइनेंस क्यों महत्वपूर्ण है?  इस बढ़िया व्यक्तिगत आदत को शुरू करने के लिए उत्सुक हैं? तो आने वाले अध्याय आपके लिए बेहद ज़रूरी हैं, जहां हम पर्सनल फाइनेंस के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए कर, बीमा, निवेश और अन्य विषयों पर नज़र डालेंगे।  तो  पढ़ते रहिए। 

अब तक आपने पढ़ा

  • पर्सनल फाइनेंस आपके वित्त का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की कला है।
  • इसमें बजट तैयार करना, फाइनेंशियल प्लान बनाना, बचत करना, सोच-समझकर खर्च करना और  स्मार्ट तरीके से निवेश करना शामिल है।
  • व्यक्तिगत स्तर पर  पर्सनल फाइनेंस यह सुनिश्चित करता है कि आपका पैसा सबसे सही तरीके से खर्च और निवेश किया जाए।
  • पर्सनल फाइनेंस की आवश्यकता बहुआयामी है। हर व्यक्ति के आधार पर पर्सनल फाइनेंस कई प्रकार के फायदे देता है।
  • यह आपको अपने वित्त को बेहतर समझने में मदद करता है।
  • यह आपको अपने निवेश की योजना बनाने में सक्षम बनाता है।
  • यह आपको अत्यधिक ऋण लेने से रोकता है।
  • यह आपके पैसे और संपत्ति को बढ़ाने में मदद करता है।
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