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वायदा और विकल्पों का खुला ब्याज विश्लेषण

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वित्तीय बाजार, स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स का भविष्य अहम शेयर बाजार सूचकांकों के साथ ट्रैक किए जाने वाले वो दांव हैं जो इक्विटी की दिशा पर लगाए जाते हैं। 

पारंपरिक बाजारों के बंद होने के बाद भी, दिन के अलग-अलग समय में स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर ट्रेड होता है। यह बहुत सक्रिय हो सकते हैं, जिससे तेजी से मूल्य परिवर्तन और बिक्री हो सकती है।

एक शेयर मार्केट इंडेक्स, शेयर के एक संग्रह से बना होता है जो शेयरों की कीमतों की सामान्य चाल को दिखाता है। इंडेक्स बनाने वाले शेयरों को उच्च बाजार पूंजीकरण, अच्छी तरलता, और इसी तरह की कुछ शर्तों को पूरा करना पड़ता है। सूचकांक, फ्यूचर्स व्यापारियों को स्टॉक की कीमतों की सामान्य चाल का फायदा उठाने की अनुमति देता है।

इंडेक्स फ्यूचर्स क्या हैं ?

यह फ्यूचर्स एक तरह के स्टॉक फ्यूचर है। लेकिन, इससे पहले कि हम इसे और अच्छे से समझें, हम फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की परिभाषा को एक नजर डालते हैं। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट एक खरीदार या विक्रेता को भविष्य में एक पूर्व निर्धारित मूल्य (`स्ट्राइक प्राइस ') पर एक विशेष वस्तु को खरीदने या बेचने की अनुमति देता है। स्टॉक फ्यूचर्स आपको भविष्य में पूर्व निर्धारित मूल्य पर एक निश्चित स्टॉक की, एक निश्चित मात्रा खरीदने में सक्षम बनाएगा।

स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स इसी तरह काम करते हैं। मानिए कि आपको लगता है की नैस्डैक इंडेक्स जल्द ही 500 अंकों तक बढ़ जाएगा। तो आप हर $8,000 प्रति फ्यूचर पर 100 नैस्डैक इंडेक्स फ्यूचर्स खरीदते हैं। इसी बीच, नैस्डैक 8,500 तक बढ़ जाता है। तब आप फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट का उपयोग $8,000 पर कर सकते हैं और $2,50,000 का बढ़िया लाभ कमा सकते हैं ! बेशक, अगर इंडेक्स विपरीत दिशा में चलता है और 7,500 तक गिर जाता, तो आपके पास $8,000 की स्ट्राइक प्राइस पर खरीदने और $2,50,000 खोने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता !

भारत में, पहला स्टॉक फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट  इंडेक्स पर आधारित था, जिसे वर्ष 2000 में स्थापित किया गया था। यह फ्यूचर्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) जैसे स्टॉक एक्सचेंजों में कारोबार करते हैं। वे बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 100 के लिए उपलब्ध हैं। कई अन्य सूचकांक भी हैं - क्षेत्रीय और अन्य- जो व्यापार के लिए उपलब्ध हैं।

इसके मुख्य फायदे निम्न है -

फ्यूचर्स का मुख्य लाभ लागत और स्पेक्यूलेशन की क्षमता है।

  • स्पेक्यूलेशन संभावनाएं : निवेशक शेयर की भविष्य की कीमत के प्रदर्शन पर अनुमान लगा सकते हैं, जिससे उन्हें लेवरेज मिल सकती है, साथ ही यह काफी नियंत्रित बाजारों में 24 घंटे और सातों दिन ट्रेड की जाने वाली सिक्योरिटीज़ तक पहुंच भी देती है, वो भी फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट द्वारा कवर की जाने वाली स्टॉक मार्केट इंडेक्स का स्वामित्व रखे बिना। 
  • व्यापार के लिए लागत : उपरोक्त सूचकांक से जुड़े स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट खरीदते समय, आप फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट द्वारा ट्रैक किए गए वास्तविक स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए सूचीबद्ध मूल्य से बहुत कम भुगतान कर रहे होते हैं। उदाहरण के लिए, एसएंडपी 500 इंडेक्स के 100 शेयरों के लिए $2,480 प्रति शेयर निवेश में $ 248,000 का खर्च आएगा। हालांकि, एकल एस एंड पी 500 फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट (या सूचकांक के 100 शेयर) खरीदकर, फ्यूचर्स निवेशक काफी कम भुगतान करते हैं।

इसके नुकसान निम्न है -

फ्यूचर्स में व्यापार के नुकसान, उच्च जोखिम और नकदी रखने की जरूरत होते हैं :

  • लेवरेज रिस्क: इंडेक्स फ्यूचर में निवेश करने का एक नुकसान यह है कि इसमें कॉन्ट्रैक्ट को खरीदने और बेचने मे बहुत ज्यादा रिस्क रहता है। जब बाजार की स्थितियां आपके खिलाफ हो जाती है तो फिर अत्यधिक लेवरेज को खत्म करने और अपने पूरे निवेश को खो देना बहुत आसान हो जाता है।
  • कैश और मार्जिन: स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में निवेश करने में एक महत्वपूर्ण अंतर है। इसमें भाग लेने के लिए, फ्यूचर्स निवेशकों को एक ब्रोकरेज फर्म में मार्जिन खाते में नकदी रखना अनिवार्य होता है, जो कि फ्यूचर्स कारोबार पर भारी नुकसान को कवर करने के लिए बेहद जरूरी है। इस घटना को मार्जिन कॉल के रूप में जाना जाता है।

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फ्यूचर इंडेक्स के प्रकार

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स: 30 अंतर्निहित सिक्योरिटीज़ बीएसई का संवेदनशील सूचकांक या सेंसेक्स बनाती हैं।

निफ्टी 50: 50 अंतर्निहित सिक्योरिटीज़ एनएसई का निफ्टी इंडेक्स बनाती हैं।

निफ्टी आईटी: यहां, सूचना प्रौद्योगिकी के शेयर मिलकर अंतर्निहित सिक्योरिटीज़ बनते हैं। इन फ्यूचर्स का भाग्य पूरे क्षेत्र के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

निफ्टी बैंक: बैंक शेयर मिलकर इस सूचकांक को बनाते हैं। तो, निफ्टी बैंक फ्यूचर्स कैसे प्रदर्शन करेगा यह इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक कितना अच्छा कर रहे हैं।

एसएंडपी बीएसई बैंक: यह फ्यूचर इंडेक्स में सूचीबद्ध बैंकिंग शेयरों से मिलकर बना है।

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 50: इस सूचकांक में सेंसेक्स को बनाने वाले 30 के बजाय 50 स्टॉक शामिल हैं।

एसएंडपी बीएसई भारत 22 सूचकांक: यह सूचकांक 22 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से बना है।

अन्य: आप NSE जैसे भारतीय एक्सचेंजों पर, विदेशी स्टॉक एक्सचेंजों से, उदाहरण के लिए, स्टैंडर्ड एंड पूअर्स 500 और FTSE 100 फ्यूचर्स में भी ट्रेड कर सकते हैं।

इंडेक्स फ्यूचर्स में कौन ट्रेड करता है?

इन फ्यूचर्स में ज़्यादातर दो तरह के व्यापारी होते है। एक पार्ट में वह लोग शामिल होते हैं जो शेयर प्राइस मूवमेंट के खिलाफ़ हेजिंग में रूचि रखते है। एक पोर्टफोलियो मैनेजर किसी भी संभावित नुकसान के खिलाफ बचाव करने के लिए इनमें व्यापार कर सकता है। अगर पोर्टफोलियो में कीमतें घटती हैं, तो वह घाटे को पूरा करने के लिए इन फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को उच्च दर पर बेचने का विकल्प चुन सकता है। हालांकि, इस तरह के हेजिंग से कुल मुनाफा कम होता है।

इस बाजार में एक अन्य प्रकार का भागीदार स्पेक्यूलेटर है। कई स्पेक्यूलेटरों के लिए फ्यूचर्स, एकल शेयरों की तुलना में बहुत बेहतर हैं क्योंकि जोखिम सामान्य शेयरों के एक संग्रह में फैला हुआ है। बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में, सूचकांक आम तौर पर ऊपर की ओर बढ़ेगा।

इंडेक्स फ्यूचर्स ट्रेडिंग में मार्जिन क्या है?

व्यापार शुरू करने से पहले, आपको अपने ब्रोकर को एक प्रारंभिक मार्जिन जमा करना होगा। यह आपके लेनदेन के मूल्य का एक प्रतिशत होता है। और यह भी एक दिन में सबसे बढ़े संभावित नुकसान को कवर करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए, और खरीदारों और विक्रेताओं, दोनों को ही इसे जमा करना होता है।

हम यहाँ देखते हैं कि यह कैसे काम करता है। अगर आप इन फ्यूचर्स में 10 लाख रुपये का व्यापार करना चाहते हैं और आपका मार्जिन 5 प्रतिशत है, तो आपको अपने ब्रोकर को ₹50,000 जमा करने होंगे। तो, इस छोटी राशि को जमा करके, आप बड़े स्तर पर व्यापार कर सकते हैं। इससे लाभ कमाने की संभावना बढ़ जाएगी। पर अगर इंडेक्स हमारी उम्मीद के हिसाब से आगे नहीं बढ़ेंगे तो इस तरह के लेवरेज से काफी नुकसान हो सकता है। अन्य फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की तुलना में स्टॉक इंडेक्स के फ्यूचर्स  में मार्जिन कम होता है।

अब तक आपने पढ़ा

  • इंडेक्स फ्यूचर्स एक निर्धारित मूल्य पर वित्तीय सूचकांक खरीदने या बेचने का कॉन्ट्रैक्ट है, जिसे भविष्य में एक निर्धारित तिथि पर पूरा किया जाएगा।
  • पोर्टफोलियो मैनेजर शेयरों में नुकसान के खिलाफ अपने इक्विटी पोजीशन को हेज करने के लिए इंडेक्स फ्यूचर्स का उपयोग करते हैं।
  • स्पेक्यूलेटर बाजार की दिशा पर दांव लगाने के लिए इंडेक्स फ्यूचर्स का भी उपयोग कर सकते हैं।
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