6. बजट के दिन पर व्यापार कैसे करें?

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किसी देश का आर्थिक स्वास्थ्य उसके बाजारों, विशेष रूप से उसके शेयर बाजार के प्रदर्शन से मापा जाता है। विशेष रूप से भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था में शेयर बाजार की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। देश की आर्थिक स्थितियों में उतार-चढ़ाव की स्थिति शेयर बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव के ट्रेंड से प्रतिबिंबित होती है।

जबकि शेयर बाजार अर्थव्यवस्था की वृद्धि का एक सटीक संकेतक है, यह स्वयं भी कई कारकों से प्रभावित होता है। हालांकि इनमें से किसी भी कारक का शेयर बाजार पर वर्ष के केंद्रीय बजट घोषणाओं जितना अधिक प्रभाव नहीं होता।

अधिकांश रूढ़िवादी व्यापारी बजट के दिन व्यापार करने का विकल्प नहीं चुनते हैं, लेकिन कई व्यापारी हैं जो इस दिन का इंतजार करते हैं। अधिकांश व्यापारी बाजारों की दिशा के बारे में काफी अनिश्चित होते हैं और कई ब्रोकर निफ्टी में कारोबार के लिए बहु-मुखी ऑप्शन रणनीति का उपयोग करने की सलाह देते हैं।

इस रणनीति का उपयोग करते हुए निवेशक बजट के दिन, शेयर की कीमतों में अच्छी वृद्धि या तेज गिरावट से लाभ उठा सकते हैं; निफ्टी कारोबार के लिए बहु-मुखी ऑप्शन रणनीति का उपयोग करते हुए, व्यापारी निफ्टी कॉल खरीद सकते हैं जो पिछले दिन और क्लोजिंग से एक ही दूरी पर हो। उदाहरण के तौर पर,  यदि निफ्टी पिछले दिन लगभग 7100 पर बंद होता है, तो व्यापारी 7300 कॉल और 6900 पुट में निवेश कर सकते हैं जिसकी कुल कीमत ₹212 प्रति शेयर है। कीमत अधिक होने के कारण व्यापारी 7600 कॉल और 6600 पुट को बेचते हैं और यह खरीदे गए ऑप्शन की कीमत को घटाकर ₹134 पर ले आता है।

इस ऑप्शन का आकर्षण यह है कि ट्रेडर को तब फायदा होता है जब निफ्टी में, किसी भी दिशा में एक तेज चाल होती है और मुनाफा सीमित हो जाता है। दूसरी तरफ नुकसान भी सीमित होता है; शेयर बाजारों में अनपेक्षित गतिविधि न केवल बजट दिवस पर होती है, बल्कि बड़ी खबर की उम्मीद होने पर भी इसी तरह के ट्रेंड मौजूद हो सकते हैं।

यह इंट्राडे ट्रेडर के लिए मुश्किल खड़ी कर देता है और उन्हें निश्चित रूप से बजट के दिन व्यापार के लिए कुछ दिशा निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होती है।

बाजारों में उच्च अस्थिरता

व्यापारी केंद्रीय बजट भाषण के साथ-साथ बाजार में एक तेज़ चढ़ाव या उतार की उम्मीद कर सकते हैं। एक अच्छी खबर पर बाजार 30-50 अंकों का उछाल देख सकते हैं और एक बुरी खबर पर बाजार 50-100 अंकों तक गिर सकता है।

बजट के दिन बाजारों की दिशा का अनुमान विशेषज्ञों द्वारा भी नहीं लगाया जा सकता है। क्योंकि बाजार बहुत में तेज हलचल हो सकती है, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो सकता है। जब तक आप एक विशेषज्ञ नहीं हैं तब तक बजट के दिन खुद को बाजारों से दूर रखना बुद्धिमानी है; मार्जिन को ब्लॉक कर दिया जाता है।

कई ब्रोकर बजट के दिन सामान्य मार्जिन नियमों की अनुमति नहीं देते हैं। खासकर इंट्राडे के लिए लिए, ब्रोकर इक्विटी कैश में कारोबार की अनुमति नहीं देते हैं और इसलिए सामान्य तौर पर जिस मार्जिन की अनुमति दी जाती है, उसे बजट के दिन ब्लॉक कर दिया जाता है। इसलिए ऐसे व्यापारी जो इक्विटी में व्यापार करने के लिए एमआईएस का चयन करते हैं, उन्हें मार्जिन नियमों के कारण ऑर्डर खारिज होने का सामना करना पड़ सकता है।

यहां तक ​​कि कवर ऑर्डर भी ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध नहीं होते हैं और इसलिए व्यापारियों को इसके कारण कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। यहां तक ​​कि जब कवर ऑर्डर पर स्टॉप लॉस होता है, तो सूचकांक में बड़ा उछाल होने पर, या मार्केट ऑर्डर होने पर स्टॉप लॉस ट्रिगर नहीं होता। लिहाजा,  संभावना है कि व्यापारी को नुकसान का सामना करना पड़े। इसलिए जब ट्रेडर बजट के दिन ऑनलाइन ट्रेड की योजना बनाते हैं तो उन्हें अपने खातों में आवश्यक नकदी के साथ पूरी तरह तैयार रहने की आवश्यकता होती है। इस सब का उन व्यापारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता जो इंट्राडे में रूचि नहीं रखते या पोजीशन ट्रेड नहीं करते।

कम रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो

जब मार्जिन अधिक होता है तो व्यापारी अधिक रिस्क और कम रिवॉर्ड की उम्मीद कर सकते हैं। जब व्यापारी बजट के दिन व्यापार कर रहे होते हैं, तो अधिक फंड रिस्क पर होते हैं और व्यापारी ज्यादातर कम लाभ ही कमाते हैं, जो दुनिया के किसी भी व्यापारी के लिए आकर्षक नहीं होता है। जबरदस्ती ट्रेडिंग ना करें। जब कोई बजट के दिन कारोबार कर रहा होता है, तो उसकी अच्छी कीमत मिलने की संभावना कम होती है और ऐसा बाजारों में अचानक होने वाले उछाल के कारण होता है। ज्यादातर व्यापारी लंबे समय तक इंतजार करते हैं और हताशा के कारण बाजार में प्रवेश करते हैं। इस तरह के कदम से बचना चाहिए क्योंकि व्यापारियों को पैसे के हानि हो सकती है।

वोलाटिलिटी क्रैश

हालांकि यह ऑप्शन विक्रेताओं के लिए अच्छी खबर हो सकती है, लेकिन डेल्टा से अंत में नुकसान हो सकता है। जब शेयर बाजार में कुछ तेज गतिविधि होती है, उसका प्रभाव ऑप्शन पर भी पड़ सकता है, और ऐसे मामलों में वोलाटिलिटी क्रैश किसी तरह की मदद नहीं करता है।

यहां तक ​​कि ऑप्शन खरीदारों को कीमतों में गतिविधि दिखाई नहीं देगी और इसलिए, यह विक्रेताओं या खरीदारों के लिए अच्छा दिन नहीं है। बजट के दिन व्यापार करते समय अधिकांश व्यापारियों को बहुत सारे पैसे की हानि होती है।

निष्कर्ष

एक निवेशक या संभावित निवेशक के रूप में बजट के बाद की अवधि काफी अस्थिर हो सकती है। हर वित्तीय वर्ष अपने साथ शेयर बाजार की कुछ उम्मीदें लेकर आता है, जिनमें से कुछ पूरी होती हैं जबकि कुछ नहीं भी होती हैं। हालांकि निराशाओं के बावजूद,  बाजार से अस्थिरता को अवशोषित करने की उम्मीद होती है। बशर्ते आपके पास सही ब्रोकर और मार्गदर्शन हो, तो बाजार में निवेश संपत्ति बनाने का एक अच्छा जरिया बन सकता है।

अब जब आप बजट के दिनों में ट्रेडिंग की बारीकियों को समझते हैं, तो अगले बड़े विषय पर चलते हैं- एक निवेशक के रूप में सप्ताहांत पर क्या करें? इसके जवाब की खोज करने के लिए, अगले अध्याय पर जाएं।

अब तक आपने पढ़ा

- देश की आर्थिक स्थितियों में उतार-चढ़ाव की स्थिति सबसे अच्छी तरह शेयर बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव की प्रवृत्ति से प्रदर्शित होती है।  

- जबकि शेयर बाजार अर्थव्यवस्था के विकास का एक सटीक संकेतक है, यह स्वयं कई प्रकार के कारकों से प्रभावित है।

- निवेशक बजट के दिन शेयर की कीमतों में अच्छी वृद्धि या तेज गिरावट से लाभ उठा सकते हैं

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