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निवेश के मामले - 1

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निवेश गैसों का प्रबंधन कैसे करें

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हर किसी की एक राय होती  है, उन रायों के आधार पर लोगों के कुछ पूर्वाग्रह या यूं कहें झुकाव होते हैं। हम लोगों, अवसरों, सरकारी नीतियों, खेल, बॉलीवुड और निश्चित रूप से, बाजारों के बारे में निर्णय लेते हैं। पूर्वाग्रह एक तर्कहीन धारणा या विश्वास है जो तथ्यों और सबूतों के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता को कम कर देता है। यह उस किसी भी सबूत को अनदेखा करने की प्रवृत्ति है जो तय धारणा के अनुरूप नहीं होती है।

व्यापार में निवेश पूर्वाग्रह एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें एक निवेशक सबूतों पर विचार किए बिना , क्या काम करेगा या नहीं करेगा के अपने पूर्व-निर्धारित आइडिया के आधार पर निर्णय लेता है। पूर्वाग्रह अधिक समय तक संपत्ति बनाए रखने या सर्वोत्तम हितों के खिलाफ व्यवहार करने पर भी मजबूर कर सकता है।

स्मार्ट निवेशक दो बड़े प्रकार के पूर्वाग्रह से बचते हैं: भावनात्मक पूर्वाग्रह और संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह। इन्हें नियंत्रित करने से निवेशक के लिए उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय तक पहुंचना मुमकिन हो सकता है।

ज्यादातर लोगों के लिए निवेश निर्णय लेने में निष्पक्ष होना असंभव है। हालांकि निवेशक समझ और पहचान के आधार पर पूर्वाग्रह को कम कर सकते हैं, इसके बाद वे ट्रेडिंग और निवेश नियम बना सकते हैं जो पूर्वाग्रहों को कम करने में मदद करते हैं। मोटे तौर पर, निवेश पूर्वाग्रह दो मुख्य श्रेणियों में आते हैं: संज्ञानात्मक और भावनात्मक। दोनों पूर्वाग्रह आमतौर पर एक चीज को दूसरे पर चुनने के झुकाव का परिणाम होते हैं।

1. संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह:

संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह में आमतौर पर स्थापित अवधारणाओं के आधार पर निर्णय लेना शामिल होता है जो सटीक हो भी सकती हैं या नहीं भी। एक संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह को नियम के रूप में सोचें जो तथ्यात्मक हो भी सकता है और नहीं भी।

हम सबने वो फिल्में देखी हैं जहां एक चोर किसी सुरक्षा चौकी से गुजरने के लिए पुलिस की वर्दी पहन लेता है। असली पुलिस अधिकारी यह मानते हैं कि अगर उस व्यक्ति ने बिल्कुल उनकी ही तरह वर्दी पहनी हुई है तो वह एक वास्तविक पुलिस अधिकारी होगा। यह संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह का एक उदाहरण है। आप उसी प्रकार की धारणाएं बनाते हैं जो जरूरी नहीं कि सच हो ही जाएं। 

यहां कुछ उदाहरण हैं:

पुष्टिकरण पूर्वाग्रह: पुष्टिकरण पूर्वाग्रह जानकारी को इस तरह खोजने, समझने और याद करने की प्रवृत्ति है, जो आपके पूर्व विश्वासों या मूल्यों की पुष्टि या समर्थन करती है। लोग अनजाने में उन सूचनाओं का चयन कर लेते हैं जो उनके विचारों का समर्थन करती हैं लेकिन गैर-सहायक जानकारी को अनदेखा करते हैं। 

वर्तमान स्थिति का पूर्वाग्रह: मनुष्य आदत से मजबूर है। परिवर्तन का प्रतिरोध करने की आदत का असर निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है और आप नए तरह के आइडिया पर रिसर्च करने के बजाय बार-बार एक ही स्टॉक और ईटीएफ की ओर खिंचे चले जाते हैं। हालांकि आप जिन कंपनियों को समझते हैं,  उनमें निवेश करना एक अच्छी रणनीति है, लेकिन हमेशा अपने कुछ उत्पादों की एक शॉर्टलिस्ट बनाकर रखना आपके लाभ की क्षमता को सीमित कर सकता है।

लाभकारी प्रभाव: लाभकारी प्रभाव का विरोध करके वॉरेन बफेट दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में से एक बन गए। पुष्टिकरण पूर्वाग्रह की तरह ही, निवेशकों को भीड़ के साथ चलकर निवेश करना बेहतर लगता है। लेकिन बफेट ने सिद्ध किया है कि पूरी रिसर्च के बाद, भीड़ से अलग मानसिकता अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।

2. भावनात्मक पूर्वाग्रह:

यह पूर्वाग्रह आमतौर पर तुरंत, निर्णय लेते समय किसी की व्यक्तिगत भावनाओं के आधार पर बनते हैं। भावनात्मक पूर्वाग्रह व्यक्तिगत अनुभवों से गहरे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं, जो निर्णय लेने को भी प्रभावित करते हैं।

भावनात्मक पूर्वाग्रह निवेशकों के मनोविज्ञान में शामिल होते हैं और  इन पर काबू पाना आमतौर पर संज्ञानात्मक पूर्वाग्रहों की तुलना में कठिन हो सकता है। भावनात्मक पूर्वाग्रह जरूरी नहीं कि हमेशा त्रुटियां हों। कुछ मामलों में, एक निवेशक का भावनात्मक पूर्वाग्रह उन्हें अपने लिए अधिक सुरक्षात्मक और उपयुक्त निर्णय लेने में मदद कर सकता है।

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कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं:

हानि-निवारण पूर्वाग्रह: क्या आपके पास अपने पोर्टफोलियो में एक स्टॉक है जिसकी कीमत इतनी नीचे जा चुकी है कि आप उसे बेचने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं? वास्तव में, अगर आप स्टॉक बेचते हैं तो उससे जो पैसा मिलता है उसे उच्च-गुणवत्ता वाले स्टॉक में दोबारा निवेश किया जा सकता है। लेकिन क्योंकि आप यह स्वीकार नहीं करना चाहते हैं कि नुकसान कंप्यूटर स्क्रीन से वास्तविक धन तक चला जाए गया है, इसलिए आप ये आशा करते हैं कि एक दिन स्टॉक इस नुकसान की भरपाई कर लेगा। 

एंडाउमेंट पूर्वाग्रह: हानि विरोधी पूर्वाग्रह के समान,  यह वो आइडिया है जो कहता है कि जो हमारे पास है, या जिस चीज के हम मालिक हैं, वह हमारे पास नामौजूद चीज़ से ज्यादा मूल्यवान है। वो घाटे में जाता शेयर याद है? इस क्षेत्र के अन्य शेयर अच्छे प्रदर्शन  के संकेत दे रहे हैं, लेकिन निवेशक इसे नहीं बेचता क्योंकि वह अभी भी पहले की तरह ही विश्वास करता है कि यह शेयर अपने क्षेत्र में सबसे अच्छा है।

यहां हम उन चार पूर्वाग्रहों पर नज़र डालते हैं जो उन खुदरा व्यापारियों के बीच आम हैं, जो अपने व्यक्तिगत ब्रोकरेज खातों के अंतर्गत कारोबार करते हैं।

  • अति आत्मविश्वास (ओवरकॉन्फिडेंस) के दो घटक होते हैं: आपकी जानकारी की गुणवत्ता में अधिक आत्मविश्वास और अधिकतम लाभ के लिए सही समय पर उक्त जानकारी पर काम करने की आपकी क्षमता।
  • पछतावा कम करना: मनुष्य के रूप में हम जितना संभव हो सके पछतावा की भावना से बचने की कोशिश करते हैं और अक्सर इस भावना से बचने के लिए बहुत लंबा, और बिना सर-पैर का सफर तय कर लेते हैं। शेयर को ना बेचकर और नुकसान झेलकर, एक व्यापारी को कभी अफसोस का सामना नहीं करना पड़ता है।
  • सीमित ध्यान अवधि: चुनने के लिए हजारों स्टॉक हैं लेकिन व्यक्तिगत निवेशक के पास न तो समय है और न ही हर शेयर पर शोध करने की इच्छा होती है। इन सीमाओं के कारण निवेशक केवल उन शेयरों पर विचार करते हैं जो वेबसाइट, वित्तीय मीडिया, दोस्तों और परिवार या उनकी रिसर्च के के बाहर अन्य स्रोतों के माध्यम से उनके ध्यान में आते हैं।
  • अनुसरण करने की प्रवृत्ति: यह यकीनन सबसे मजबूत व्यापारिक पूर्वाग्रह है। मनुष्य के पास पैटर्न ढूंढने की एक असाधारण प्रतिभा है, और जब वो उन्हें ढूंढ कर पहचान लेते हैं तो वे उनकी वैधता पर विश्वास करने लगते हैं।

सामान्य तौर पर पूर्वाग्रह हमारे किसी एक चीज को दूसरे के ऊपर चुनने के झुकाव या पक्षपात का परिणाम होता है। पुर्वाग्रह अनुभव, निर्णय, सामाजिक मानदंडों, मान्यताओं, शिक्षाविदों और अन्य से प्रभावित हो सकते हैं।

यह एक तर्कहीन धारणा या विश्वास है जो तथ्यों और सबूतों के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता को कम कर देते है। यह किसी भी सबूत को अनदेखा करने की प्रवृत्ति है जो उस तय धारणा के अनुरूप नहीं है। एक पूर्वाग्रह सचेत या अचेत हो सकता है। जब निवेशक उन पूर्वाग्रहों पर काम करते हैं, तो वे उन सबूतों को स्वीकार नहीं कर पाते जो उनकी धारणाओं से अलग होते हैं।

निष्कर्ष

अब जब आप जानते हैं कि निवेश से जुड़े पूर्वाग्रह क्या हैं, तो चलिए हम अगले बड़े सवाल पर आगे बढ़ें -पूर्वाग्रहों का जीव विज्ञान: क्या विकास ने हमें लंबे समय में बेवकूफ बना दिया है? उत्तर जानने के लिए अगले अध्याय पर जाएं।

अब तक आपने पढ़ा

  1. ट्रेडिंग में निवेश पूर्वाग्रह एक मनोवैज्ञानिक घटना है जिसमें एक निवेशक सबूतों पर विचार किए बिना क्या काम करेगा या नहीं करेगा, इसपर अपने तय विचार के आधार पर निर्णय लेता है।
  2. संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह में आमतौर पर स्थापित अवधारणाओं के आधार पर निर्णय लेना शामिल होता है जो सटीक हो भी सकती हैं या नहीं भी।
  3. निर्णय लेते समय किसी की व्यक्तिगत भावनाओं के आधार पर,  भावनात्मक पूर्वाग्रह बनते हैं।
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