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तकनीकी विश्लेषण का परिचय

3. टेक्निकल एनालिसिस में प्रयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के चार्ट

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टेक्निकल एनालिसिस चार्ट: एक नज़र में

मानिए कि स्टॉक एक्सचेंज पर एक शेयर कारोबार कर रहा है। एक ट्रेडिंग सेशन के दौरान, शेयर की कीमत और मात्रा दोनों में कई बदलाव, सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों होने की संभावना है। ऐसी स्थिति में आप इतने सारे डाटा को कैसे रिकॉर्ड करते हैं? आप निश्चित रूप से टेबल बनाकर इस डाटा को रिकॉर्ड कर सकते हैं, लेकिन फिर उसे पढ़ने में बहुत मेहनत लगेगी। यहीं टेक्निकल एनालिसिस चार्ट काम आते हैं। 

टेक्निकल चार्ट मूल रूप से वो  साधन हैं जो डाटा को ग्राफ के रूप में प्रस्तुत करते हैं। वे डाटा के विशाल आंकड़ों से निष्कर्ष निकालना और उन्हें पढ़ना आसान बनाते हैं। टेक्निकल एनालिसिस चार्ट इतने बहुमुखी होते हैं कि वे किसी भी समयावधि के लिए एक शेयर की कीमत और मात्रा को सटीक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसमें अवधि एक व्यापारिक दिन से लेकर कई वर्षों तक का समय हो सकती है।

चार्ट, चार प्रमुख प्राइस पॉइंट के आधार पर, आपको यह समझने में मदद कर सकते हैं कि किसी निश्चित अवधि में किसी शेयर की कीमत कैसे बदली है। एक चार्ट जो एक व्यापारिक दिन के दौरान मूल्य के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है, उसके चार महत्वपूर्ण पाइंट ये हैं:

  • शुरुआती कीमत/ ओपनिंग प्राइस: यह वह मूल्य है जिस पर सुबह 9.15 बजे, बाज़ार खुलने पर पहला ट्रेड किया जाता है। 
  • निम्नतम/ लोएस्ट पॉइंट: यह सबसे कम कीमत है जिस पर एक ट्रेड सेशन में शेयर को ट्रेड किया गया है।
  • उच्चतम/ हाइएस्ट पॉइंट: यह सबसे ऊंची कीमत है जिस पर एक ट्रेड सेशन में शेयर को ट्रेड किया गया है।
  • समापन कीमत/ क्लोज़िंग प्राइस: बाजार के बंद होने पर,  जिस मूल्य पर शेयर का आखिरी ट्रेड किया जाता है उसे क्लोज़िंग प्राइस के रूप में जाना जाता है।

टेक्निकल  चार्ट को टेक्निकल एनालिसिस का आधार मानने का कारण है उसके किसी शेयर की कीमत के उतार-चढ़ाव को सही और व्यापक रूप से संक्षेप में दिखाने की क्षमता । 

टेक्निकल एनालिसिस में उपयोग होने वाले चार्ट 

अब जब आप चार्ट के महत्व से अवगत हो गए हैं, तो आइए हम उन चार्ट के प्रकारों पर एक संक्षिप्त नज़र डालें जिन्हें आप आमतौर पर टेक्निकल एनालिसिस के लिए उपयोग करते हैं।

लाइन चार्ट

टेक्निकल एनालिसिस में उपयोग किए जाने वाले सबसे बुनियादी चार्ट में से एक, लाइन चार्ट का उपयोग किसी विशेष स्टॉक या इंडेक्स की कीमत में एक निश्चित अवधि के रूझानों को चित्रित करने के लिए किया जाता है। शेयर के समग्र रुझान को दर्शाने  के लिए इस तरह का चार्ट बहुत उपयोगी है। एक लाइन चार्ट को देखकर आप उस शेयर की कीमत या मात्रा के उतार-चढ़ाव की पहचान कर सकते हैं। 

सबसे पहले एक लाइन चार्ट को प्लॉट करने के लिए समय अवधि में विभिन्न बिंदुओं पर स्टॉक की कीमतों को क्षैतिज यानी हॉरिज़ॉन्टल और ऊर्ध्वाधर यानी वर्टिकल एक्सिस पर डॉट्स द्वारा चिह्नित किया जाता है। यहां क्षैतिज अक्ष समय सीमा को दर्शाता है और ऊर्ध्वाधर अक्ष शेयर की कीमत को दर्शाता है। एक बार ऐसा करने के बाद डॉट्स को एक लाइन का उपयोग करके जोड़ा किया जाता है।  

इस तरह के चार्ट को थोड़ा बेहतर समझने के लिए, आइए, इन्फोसिस लिमिटेड के 52-सप्ताह के लाइन चार्ट पर नज़र डालें। 

बार चार्ट

टेक्निकल एनालिसिस करने वाले एक व्यापारी के लिए एक बार चार्ट अधिक उपयोगी होता है। यह शेयर के इन चार मूल्य पॉइंट्स को एक विशेष अवधि के लिए आसानी से दर्शाता है:

  • शुरुआती मूल्य/ ओपनिंग प्राइस
  • निम्नतम मूल्य/ लोएस्ट प्राइस
  • उच्चतम मूल्य/ हाइएस्ट प्राइस
  • समापन मूल्य/ क्लोज़िंग प्राइस

 आमतौर पर,एक बार चार्ट को एक पतली केंद्रीय वर्टिकल लाइन के रूप में दिखाया जाता है, जिसमें से दो हॉरिज़ॉन्टल लाइन उभरती हैं, एक बाईं ओर और एक दाईं ओर। नीची दी गई तस्वीर में ये लाइनें और इनके मलतब दिखाए गए हैं। 

अब जब आप जानते हैं कि एक बार चार्ट कैसा दिखता है, तो इसे बेहतर समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं। एक शेयर का शुरुआती, निम्नतम, उच्चतम, और समापन मूल्य इस प्रकार है:

  • शुरुआती मूल्य =₹520 
  • निम्नतम मूल्य = ₹480 
  • उच्चतम मूल्य = ₹550 
  • समापन मूल्य = ₹535 

दिए गए डाटा के लिए बार चार्ट इस तरह दिखेगा: 

चूंकि शेयर का समापन मूल्य शुरुआती मूल्य से ज़्यादा है, इसलिए शेयर को पॉसिटिव कहा जाता है। और बार चार्ट  को नीले या हरे रंग में दर्शाया गया है।

अब एक और उदाहरण लेते हैं जहां समापन मूल्य, शुरुआती मूल्य से कम है। शेयर की कीमतें इस प्रकार हैं

शुरुआती मूल्य = ₹535 

निम्नतम मूल्य = ₹480 

उच्चतम मूल्य = ₹550 

समापन मूल्य = ₹520 

ये बार चार्ट इस तरह दिखेगा:

चूंकि शेयर की चाल नेगेटिव रही है, इसलिए बार को लाल रंग में दर्शाया गया है।

बार चार्ट पढ़ते समय ध्यान देने योग्य बात यह है कि बार चार्ट की लंबाई मूल्य सीमा के अनुसार बदलती रहती है। शेयर की सबसे कम कीमत और उच्चतम मूल्य के बीच का अंतर मूल्य सीमा या प्राइस रेंज होती है। इसलिए, जितनी लंबी लाइन, उतनी बड़ी रेंज।

चलिए, हम इन्फोसिस लिमिटेड के 52-सप्ताह के बार चार्ट पर एक बार फिर से नज़र डालें:

कैंडलस्टिक चार्ट

कैंडलस्टिक चार्ट, जो सबसे पहले जापान में बनाया गया था, को टेक्निकल एनालिसिस में शामिल व्यापारी मुख्य रूप से उपयोग करते हैं। इस जापानी कनेक्शन के कारण कई कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न के लिए दोजी और मारुबोजु जैसे जापानी नाम का इस्तेमाल होता है। हम आगामी अध्यायों में इसपर ज़्यादा जानकारी हासिल करेंगे। 

एक कैंडलस्टिक की संरचना एक बार चार्ट के समान है। अंतर केवल इतना है कि कैंडलस्टिक चार्ट, ओपनिंग और क्लोज़िंग प्राइस को दिखाने के लिए हॉरिज़ॉन्टल की जगह, आयताकार या रेक्टेंगुलर बॉडी का उपयोग करता है।  ओपनिंग प्राइस के क्लोज़िंग प्राइस से कम या ज्यादा होने के आधार पर, यहां दो प्रकार के कैंडलस्टिक्स का उदाहरण दिया गया है:

चार्ट में दिखाई देने वाली परछाई या शैडो को टेल या विक्स के रूप में भी जाना जाता है, और ये शेयर की मूल्य सीमा को दर्शाती है। शैडो जितनी लंबी होगी, मूल्य सीमा भी उतनी ही बड़ी होगी।   

निष्कर्ष

हम कैंडलस्टिकऔर उसके चार्ट की गहन जानकारी अगले अध्याय में हासिल करेंगे। इन चार्ट पैटर्न को पढ़ना सीखना, व्यापारियों की मदद कर सकता है क्योंकि ये मूल्य के उतार-चढ़ाव को आसानी से समझने के काम आता है। अधिक जानने के लिए आगे पढ़ते रहें।

अब तक आपने पढ़ा

  • चार्ट एक साधन है जो ग्राफ की मदद से डाटा को प्रस्तुत करता है।
  • वे डाटा के विशाल संस्करणों से निष्कर्ष निकालना और पढ़ना आसान बनाते हैं।
  • चार्ट किसी भी समयावधि के लिए किसी शेयर की कीमत और मात्रा की चाल का सटीक रूप से चित्रण कर सकते हैं, जिसमें अवधि एक व्यापारिक दिन से लेकर कई वर्षों तक हो सकती है।
  • टेक्निकल एनालिसिस के लिए उपयोग किए जाने वाले चार्ट में प्लॉट किए गए चार प्रमुख मूल्य बिंदु हैं: शुरुआती मूल्य, निम्नतम मूल्य, उच्चतम मूल्य और समापन मूल्य।
  • चार्ट के प्रकार: लाइन चार्ट, बार चार्ट और कैंडलस्टिक चार्ट ।
  • एक बार चार्ट को एक पतली केंद्रीय वर्टिकल लाइन के रूप में चित्रित किया जाता है, जिसमें दो हॉरिज़ॉन्टल लाइन उभरती हैं, एक बाईं ओर और एक दाईं ओर। बाईं ओर की क्षैतिज रेखा शेयर के शुरुआती मूल्य को दर्शाती  है, दाईं ओर की क्षैतिज रेखा शेयर के समापन मूल्य को। ऊर्ध्वाधर केंद्रीय लाइन में सबसे निचला पॉइंट ट्रेडिंग सत्र की सबसे कम कीमत को दर्शाता है, जबकि ऊर्ध्वाधर केंद्रीय लाइन में सबसे ऊँचा पॉइंट ट्रेडिंग सत्र की सबसे ऊँची कीमत को दर्शाता है।
  • एक कैंडलस्टिक, एक बार चार्ट के समान दिखता है, सिवाय इसके कि यह ओपनिंग और क्लोज़िंग प्राइस को दिखाने के लिए हॉरिज़ॉन्टल की जगह, आयताकार या रेक्टेंगुलर बॉडी का उपयोग करता है।
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इस अध्याय के लिए प्रश्नोत्तरी लें और इसे पूरा चिह्नित करें।

टिप्पणियाँ (2)

ashish jain

12 Jan 2021, 05:19 PM

Candle stick figure is missing. It may be added.

Replies (1)

Abhishek Mahur

08 Dec 2020, 01:25 PM

Candlestick chart example is missing

Replies (1)
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