7. DCF मूल्यांकन मॉडल का निर्माण

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अब जब आप अलग-अलग मूल्यांकन मॉडलों और पूर्व-मल्यांकन से जुड़े ड्यू डिलिजेंस को ठीक से जान चुके हैं, तो बड़ी लीग में जाने का समय आ गया है। यहाँ हम इस मुख्य सवालों का जवाब देंगे - मूल्यांकन मॉडल कैसे बनाएं? खैर, शेयर मूल्यांकन मॉडल का निर्माण करने से जुड़ी जानकारी कभी- कभी मूल्यांकन के तरीके पर निर्भर करती है तो कभी उस कंपनी पर जिसका मूल्यांकन किया जा रहा है। 

DCF विधि, जिसे आपने पहले अध्याय में पढ़ा था, सबसे जटिल मूल्यांकन विधियों में से एक है। आइए इसका उपयोग करके देखें कि वैल्यूएशन मॉडल कैसे बनाया जाता है।

DCF मॉडल: मूल्यांकन की प्रक्रिया

जैसा कि हमने पहले ही पिछले अध्याय में देखा था, ये DCF मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल मुख्य चरण हैं।

  1. पूर्वानुमान अवधि निर्धारित करें।
  2. पूर्वानुमानित अवधि के लिए  कंपनी के फ्री कैश फ्लो की गणना करें।
  3. उस दर की गणना करें जिस पर आप भविष्य के कैश फ्लो को डिस्काउंट करेंगे।
  4. व्यवसाय की टर्मिनल वैल्यू निर्धारित करें।
  5. कंपनी के वर्तमान मूल्य पर आने के लिए भविष्य के कैश फ्लो और टर्मिनल वैल्यू को डिस्काउंट करें ।

आपके DCF मूल्यांकन मॉडल को बनाने के लिए अहम आंकड़े

DCF पद्धति से शेयर मूल्यांकन मॉडल का निर्माण करना सीखने के लिए आपको सबसे पहले इन आंकड़ों पर काम करना होगा। 

  1. वर्तमान वर्ष के लिए फ्री कैश फ्लो (FCF)
  2. पूर्वानुमानित अवधि के लिए FCF का ग्रोथ रेट
  3. टर्मिनल वैल्यू को निर्धारित करने के लिए आवश्यक टर्मिनल ग्रोथ रेट
  4. वह डिस्काउंट दर जिस पर आप भविष्य के कैश फ्लो को डिस्काउंट करेंगे।

मूल्यांकन मॉडल का निर्माण कैसे करें, इसकी बारीकियों को समझने के लिए आइशर मोटर्स के उदाहरण को लेते हैं। मानिए कि हम वित्त वर्ष 2019-20 से एक वैल्यूएशन मॉडल बनाने जा रहे हैं और देखने वाले हैं कि कंपनी ओवरवैल्यूड या अंडरवैल्यूड। यहाँ हम उस वर्ष के लिए FCF की गणना इस तरह करेंगे:

A. उस वर्ष के लिए फ्री कैश फ्लो की गणना जिसका आप पूर्वानुमान लगा रहे हैं

पहले अध्याय में दिया FCF का फ़ॉर्मूला याद है? चलिए, वह यहां दिया गया है:

शुरुआत करें:

EBIT x (1 - टैक्स दर)

जोड़ें:

गैर-नकद शुल्क जैसे विमूल्यन और परिशोधन

जोड़ें/घटाएं:

वर्किंग कैपिटल में बदलाव

घटाएं:

पूंजीगत व्यय

परिणाम:

उस अवधि के लिए फ्री कैश फ्लो

अब, इसके लिए ज़रूरी डाटा निकालते हैं। नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट पर एक नज़र डालें। यह वर्ष 2019-20 के लिए आयशर मोटर्स की वार्षिक रिपोर्ट से लिया गया है।

  • तो, यहाँ, वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए EBIT ₹1,825.86 करोड़ है।
  • उस वर्ष के लिए विमूल्यन ₹377.92 करोड़ है।

वर्किंग कैपिटल में बदलाव और पूंजीगत व्यय का क्या? आइए, उन आंकड़ों की भी गणना करें।

वर्किंग कैपिटल की गणना इस फ़ॉर्मूले के अनुसार की जाती है।

वर्किंग कैपिटल = वर्तमान एसेट- वर्तमान लायाबिलिटी

वर्किंग कैपिटल में बदलाव, पिछले वर्ष और उस वर्ष के बीच इस आंकड़े में परिवर्तन से पता चलता है जिसके लिए हम FCF की गणना कर रहे हैं। इसलिए, हमें वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए वर्किंग कैपिटल की गणना करने की ज़रूरत है।



 

विवरण

वित्तीय वर्ष 2018-19 (करोड़ रुपये में)

वित्तीय वर्ष 2019-20 (करोड़ रुपये में)

A

वर्तमान एसेट

997.62

933.12

B

वर्तमान लायाबिलिटी

1,978.24

1,861.12

C

वर्किंग कैपिटल  (A-B)

(980.62)

(928)

 

वर्ष 2018-19 के लिए वर्किंग कैपिटल में बदलाव

[-928 -(-980.62)]

 

52.62

इसलिए, वर्ष 2019-20 के लिए वर्किंग कैपिटल में बदलाव ₹52.62 करोड़ होता है।

वर्ष 2019-20 के पूंजीगत व्यय का क्या? आयशर के फाइनेंशियल स्टेटमेंट से लिया गया यह स्क्रीनशॉट आपको इसकी जानकारी देगा।

जैसा कि आप देख सकते हैं, वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय ₹555.19 करोड़ है।

इन आंकड़ों का उपयोग करते हुए आइशर मोटर्स के वर्ष 2019-20 के लिए फ्री कैश फ्लो की गणना करें

चरण

विवरण

गणना 

परिणाम (करोड़ रुपये में)

शुरुआत करें:

EBIT x (1 – टैक्स दर)

1,825.86 (1-25.168%)

1,366.32

जोड़ें:

गैर-नकद शुल्क जैसे विमूल्यन और परिशोधन 

+  377.92

1,744.25

जोड़ें/घटाएं:

वर्किंग कैपिटल में बदलाव

+ 52.62

1,796.87

घटाएं:

पूंजीगत व्यय

- 555.19

1,241.68

परिणाम:

उस अवधि के लिए फ्री कैश फ्लो

 

1,241.68

अब जब हमने चालू वर्ष के लिए फ्री कैश फ्लो की गणना कर ली है, तो DCF मॉडल से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण दरों - पूर्वानुमानित अवधि के लिए ग्रोथ रेट, टर्मिनल ग्रोथ रेट और डिस्काउंट रेट की पहचान करने का समय आ गया है।

B. पूर्वानुमानित अवधि के लिए अनुमानित FCF का ग्रोथ रेट

यह वह दर है जिस पर आप पूर्वानुमान अवधि में आयशर मोटर्स के कैश फ्लो के बढ़ने की उम्मीद करते हैं। यहाँ, आशावादी होने के बजाय रूढ़िवादी होना बेहतर है, क्योंकि हम भविष्य के बारे में बात कर रहे हैं। फिर भी, इस दर तक पहुंचने का एक तरीका है जो आपको वास्तविक आंकड़ों के जितना करीब हो सके उतना करीब ले जाता है। यहां, आप मूल रूप से, पिछले 5 वर्षों के लिए FCF की गणना करते हैं, और उस दर की गणना करते हैं जिस पर कैश फ्लो बढ़ा है। फिर, उन ग्रोथ रेट का औसत लेते हुए, आप DCF मॉडल में ली गई ग्रोथ रेट पर पहुंच सकते हैं।

आयशर का पिछला प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। लेकिन,  भले ही पिछले वर्षों में  FCF सकारात्मक थे, लेकिन कैश फ्लो में गिरावट थी। और हो सकता है, आयशर मोटर्स, एक स्थापित कंपनी होने के बावजूद, नई कंपनियों के समान ग्रोथ रेट से ना बढ़े।

इसलिए, सुरक्षित रहने के लिए पूर्वानुमान अवधि के लिए ग्रोथ रेट को 10% मान लेते हैं।

C. टर्मिनल वैल्यू को निर्धारित करने के लिए ज़रूरी टर्मिनल ग्रोथ रेट  

टर्मिनल ग्रोथ रेट वह दर है जिस पर कंपनी को पूर्वानुमान अवधि के बाद कैश फ्लो अर्जित करते रहने की उम्मीद है। यहाँ भी, आपके अनुमान में जितना हो सके उतना ही रूढ़िवादी होना अच्छा है। एक मान्यता यह भी है कि कभी भी अर्तव्यवस्था की GDP दर से ऊँची दर का उपयोग नहीं करना चाहिए। 

मान लीजिए कि टर्मिनल ग्रोथ रेट 3% है।

D. भविष्य के कैश फ्लो को डिस्काउंट करने का डिस्काउंट रेट

अच्छा, अब आपके पास ग्रोथ रेट है। अब, डिस्काउंट रेट का पता लगाते हैं। इस आंकड़े को प्राप्त करने के लिए दो विकल्प मौजूद हैं।

  • विकल्प 1: आप कैपिटल की भारित औसत लागत ( वेटेड एवरेज कॉस्ट ऑफ कैपिटल- WACC) की गणना कर सकते हैं और डिस्काउंट रेट के रूप में उस दर का उपयोग कर सकते हैं।
  • विकल्प 2: आप अर्थव्यवस्था में जोखिम मुक्त दर (रिस्क फ्री रेट) को डिस्काउंट रेट के रूप में उपयोग कर सकते हैं। जोखिम-मुक्त दर, बिना जोखिम वाले निवेशों का रिटर्न रेट है। भारतीय आर्थिक परिदृश्य में, आप सरकारी बॉन्ड पर रिटर्न को ले सकते हैं। वर्तमान में, यह आंकड़ा लगभग 5% है।

मूल्यांकन मॉडल के उद्देश्य के लिए हम दूसरे विकल्प का इस्तेमाल करेंगे।

इसलिए, 5% का डिस्काउंट रेट लेते हैं। 

अब जब हमारे पास सभी आंकड़े हैं, तो वास्तविक मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने का समय है। चलो, इसे चरणबद्ध तरीके से समझते हैं।

DCF मॉडल का उपयोग करके कंपनी का मूल्यांकन

यहां आंकड़ों को फटाफट फिर से देख लेते हैं।

विवरण 

अनुमानित/कुल आंकड़ा 

वर्ष 2019-20 के लिए फ्री कैश फ्लो 

₹1,241.68 करोड़ 

पूर्वानुमान अवधि के लिए ग्रोथ रेट

10%

टर्मिनल ग्रोथ रेट

3%

डिस्काउंट रेट

5%

चरण 1: पूर्वानुमान अवधि निर्धारित करें

पूर्वानुमान अवधि वह अवधि है जिसके लिए अनुमानित ग्रोथ रेट पर फ्री कैश फ्लो बढ़ेगा। कुछ विश्लेषक और निवेशक इसे 10 साल लेते हैं, कुछ 7 साल और कुछ 5 साल, असल में  यह बेहद व्यक्तिपरक होता है।

DCF मूल्यांकन के लिए हम 5 साल का पूर्वानुमान  लेते हैं।

चरण 2: पूर्वानुमानित अवधि के दौरान कंपनी के फ्री कैश फ्लो  की गणना करें।

वर्ष 

विकास दर

फ्री कैश फ्लो  

(करोड़ रुपये में)

टिप्पणी 

आधार वर्ष (2019-20)

 

1,241.68

पूर्व गणना के अनुसार  

Year 1 (2020-21)

10%

1,365.85

= 1,241.68 x (1 + 10%)

Year 2 (2021-22)

10%

1,502.43

= 1,365.85 x (1 + 10%)

Year 3 (2022-23)

10%

1,652.67

= 1,502.43 x (1 + 10%)

Year 4 (2023-24)

10%

1,817.94

= 1,652.67 x (1 + 10%)

Year 5 (2024-25)

10%

1,999.74

= 1,817.94 x (1 + 10%)

चरण 3: भविष्य के कैश फ्लो को डिस्काउंट करने की दर की गणना करें

अब,  अगर आप WACC को अपनाते हैं, तो वही आपका डिस्काउंट रेट होता।  लेकिन, क्योंकि हमने दूसरा विकल्प चुना है, हमारे पास पहले से ही हमारा डिस्काउंट रेट है: 5%। तो, चलिए अगले चरण पर चलते हैं, अब शेयर वैल्यूएशन मॉडल बनाने के बारे में सीखते हैं।

चरण 4: व्यवसाय की टर्मिनल वैल्यू निर्धारित करें

किसी व्यवसाय की टर्मिनल वैल्यू की गणना करने का फ़ॉर्मूला याद है? आइए एक बार फिर इसे देखें।

टर्मिनल मूल्य = [पूर्वानुमान अवधि के अंतिम वर्ष में अनुमानित फ्री कैश फ्लो x (1 + टर्मिनल विकास दर) ] ÷ डिस्काउंट रेट - टर्मिनल ग्रोथ रेट 

इस फ़ॉर्मूले का उपयोग करने पर देखते हैं:

टर्मिनल मूल्य: 

= [1,999.74 x (1 + 3%)] ÷ [5% - 3%]

= [1,999.74 x 1.03] ÷ 2%

= 2,059.73 ÷ 2%

= 1,02,986.50 (करोड़ रुपये में)

चरण 5: कंपनी के वर्तमान मूल्य पर आने के लिए भविष्य के कैश फ्लो और टर्मिनल वैल्यू को डिस्काउंट करें

अब आपके पास पूर्वानुमान अवधि के लिए कंपनी अनुमानित फ्री कैश फ्लो और उसके बाद की अवधि के लिए टर्मिनल वैल्यू मौजूद है। अगला कदम इन सभी आंकड़ों को उनके वर्तमान मूल्य के लिए डिस्काउंट करना होगा। यह फ़ॉर्मूला आपकी मदद कर सकता है।

आज से ‘n’ साल बाद कैश फ्लो का वर्तमान मूल्य = कैश फ्लो ÷ (1 + डिस्काउंट रेट)n

इस फ़ॉर्मूले का उपयोग कर फ्री कैश फ्लो और टर्मिनल मूल्य को डिस्काउंट करें।

वर्ष 

FCF या टर्मिनल वैल्यू की राशि

(करोड़ों रुपए में)

डिस्काउंट रेट

कैश फ्लो का वर्तमान मूल्य

टिप्पणी

वर्ष 1 (2020-21)

1,365.85

5%

1,300.81

= 1,365.85 ÷ (1 + 5%)1

वर्ष 2 (2021-22)

1,502.43

5%

1,362.75

= 1,502.43 ÷ (1 + 5%)2

वर्ष 3 (2022-23)

1,652.67

5%

1,427.64

= 1,652.67 ÷ (1 + 5%)3

वर्ष 4 (2023-24)

1,817.94

5%

1,495.62

= 1,817.94 ÷ (1 + 5%)4

वर्ष 5 (2024-25)

1,999.74

5%

1,566.85

= 1,999.74 ÷ (1 + 5%)5

 

1,02,986.50

5%

80,692.62

= 1,02,986.50 ÷ (1 + 5%)5

 

कुल वर्तमान मूल्य 

 

87,846.29

 

तो, यह हमें आयशर मोटर्स के मूल्यांकन के हमारे अभ्यास के अंत  पर ले आता है। सभी कैश फ्लो और टर्मिनल वैल्यू का जोड़ क्या दर्शाता है? ₹87,846.29 करोड़ का आंकड़ा भविष्य में उत्पन्न होने वाली सभी अपेक्षित कैश फ्लो को दिखाता है।

अब, हम कंपनी के शेयरों का मूल्यांकन करने के लिए यहाँ से कैसे आगे बढ़ें?अच्छा, जैसा कि आपने पहले, DCF पर अध्याय में देखा था, हमें इक्विटी का मूल्य खोजने की ज़रूरत है। और यहाँ इसके लिए फ़ॉर्मूला है-

इक्विटी का मूल्य = कंपनी का मूल्य – ऋण का मूल्य

जैसा कि हमने पढ़ा है, ऋण का मूल्य,  मूल रूप से, मूल्यांकन की तारीख तक कंपनी के नाम पर लिए गए सभी उधार का जोड़ होता है। जब आप कंपनी के मूल्य से इस ऋण का मूल्य घटाते हैं, तो आपको इक्विटी का वास्तविक मूल्य मिलता है। अगर आप कंपनी की इक्विटी में निवेश करते हैं तो आपको इसी मूल्य का फायदा मिलेगा।

आइशर मोटर्स की वार्षिक रिपोर्ट पर नज़र डालते हैं और देखते हैं कि कर्ज कितना है

चूंकि नेट ऋण शून्य है, हम पहले निकाले गए वर्तमान मूल्य को कंपनी के मूल्य के रूप में रखेंगे: ₹87,846.29 करोड़।

निष्कर्ष

यह DCF मूल्यांकन मॉडल का निर्माण करने का तरीका है। लेकिन इसके बाद क्या? आप कैसे निर्धारित करेंगे कि कंपनी ओवरवैल्यूड है या अंडरवैल्यूड हैं? और यह निष्कर्ष कितना सटीक होगा? ये कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिनके बारे में हम अगले अध्याय में जानेंगे। इन्हें जानने के लिए लिए पढ़ते रहें।

अब तक आपने पढ़ा 

  • DCF पद्धति का उपयोग करके स्टॉक वैल्यूएशन मॉडल बनाने का तरीका जानने के लिए आपको चालू वर्ष के फ्री कैश फ्लो  (FCF), FCF ग्रोथ रेट, टर्मिनल ग्रोथ रेट और डिस्काउंट दर की ज़रूरत होती है।
  • चालू वर्ष का FCF, आपके भविष्य के कैश फ्लो का अनुमान लगाने का आधार बनता है। 
  • ग्रोथ रेट को लेकर रूढ़िवादी होना चाहिए।
  • टर्मिनल ग्रोथ रेट को GDP दर के नीचे या उसके बराबर रखा जाता है।
  • डिस्काउंट दर या तो WACC या अर्थव्यवस्था में जोखिम मुक्त दर हो सकती है।
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इस अध्याय के लिए प्रश्नोत्तरी लें और इसे पूरा चिह्नित करें।

टिप्पणियाँ (1)

Rutvik Rameshbhai

26 Jan 2021, 08:05 PM

Superb thank you

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