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6. फ़िक्स्ड डिपॉज़िट और बचत योजनाओं की गाइड

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कभी सोचा है कि अगर कोई ऐसी निवेश योजना हो, जहां आप अपनी पूंजी लगाएं और उस योजना में लगा कर भूल जाए? और इससे भी अच्छा हो कि उस निवेश से आपको लगातार रिटर्न मिलता रहे जिसे आप वापस निवेश कर सकें या उसे निकाल लें? और सोने पर सुहागा होगा अगर किसी आपातकालीन स्थिति में धन की आवश्यकता हो तो उसी समय अपनी पूंजी को निकाल सकें! क्या इस तरह हर स्थिति में ढलने वाला निवेश विकल्प है?

दरअसल, ऐसा एक निवेश प्लान है – फ़िक्स्ड डिपॉज़िट। क्या आप इसके बारे में अधिक जानना चाहते है? तो, इस अध्याय में इसी के बारे में बताया गया है। हम यहां इस निवेश विकल्प से जुड़े इन सवालों के जवाब देंगे:

फ़िक्स्ड डिपॉज़िट क्या है?

फिक्स्ड डिपॉज़िट कैसे काम करता है?

फिक्स्ड डिपॉज़िट में निवेश कैसे करें?

फ़िक्स्ड डिपॉज़िट क्या है?

फिक्स्ड डिपॉज़िट एक निवेश विकल्प है जो बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) द्वारा प्रदान किया जाता है। यह निवेशकों को एक निश्चित राशि जमा करने की सुविधा देता है, जिससे वे उस राशि पर ब्याज कमा सकें। यह तो ज़ाहिर-सी बात है कि आप एक फिक्स्ड डिपॉज़िट में जितने लंबे समय तक निवेशित रहेंगे, उतनी ही अधिक ब्याज कमा सकते हैं। आपको सुभाष तो याद ही होगा? उनके पास अपने निवेश पोर्टफोलियो में एक विकल्प के रूप में बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट भी है। आइए FD का एक उदाहरण के रूप में उपयोग यह समझने के लिए करें कि ये कैसे काम करते हैं।

फिक्स्ड डिपॉज़िट कैसे काम करता है?

सुभाष जब 26 साल का था तब उसे एक बोनस मिला था। वह उस पैसे को नए आइफोन पर खर्च करने की सोच रहा था, तभी सुभाष ने अपने फाइनेंस के बारे में सोचा और बोनस की राशि को डिपॉज़िट में निवेश किया। उसका शुरुआती निवेश ₹1,00,000 का है।

जब आप FD में निवेश करते हैं, तो आपको उसका कार्यकाल भी चुनना होता है। ये समय अवधि 7 दिन तक सबसे कम और 10 साल तक सबसे लंबे समय के लिए हो सकती है। सुभाष ने 5 साल के लिए एक FD कारवाई जिसमें ब्याज की दर 7.25% प्रति वर्ष थी। उसकी FD अगले साल, जब वह 31 साल का हो जाएगा, तब खत्म हो जाएगी और FD के कार्यकाल के अंत में उसकी निवेश राशि ₹1,43,229 होगी। यह उसके निवेश पर 43.3% रिटर्न है।

जब सुभाष 5 साल के अंत में अपना पैसा निकालता है, तो वह अपनी मूल निवेश राशि प्राप्त करता है, जिसे मूलधन या प्रिंसिपल के रूप में भी जाना जाता है, जो कि ₹1,00,000 थी। इस पर उसको ₹43,229 का ब्याज भी मिला।

फिक्स्ड डिपॉज़िट आपको मासिक भुगतान प्राप्त करने का विकल्प भी देता है। जब आप मासिक भुगतान के विकल्प को चुनते हैं, तो आप अपनी निवेश अवधि के दौरान हर महीने एक निश्चित ब्याज प्राप्त करते हैं। और समय अवधि के अंत में, मूलधन आपको वापस कर दिया जाता है।

फिक्स्ड डिपॉज़िट में निवेश कैसे करें?

यह प्रकिया काफी सरल है। आपको बस अपने पसंद के बैंक में जाकर एक FD खाता खुलवाना होता है। अधिकतर बैंक और NBFC अब यह सुविधा ऑनलाइन भी देते हैं, जिससे आप घर पर ही FD करवा सकते हैं। FD में निवेश करने से पहले, आपको कुछ आवश्यक मेट्रिक को सुनिश्चित कर लेना चाहिए, जैसे:

  • वह राशि जो आप निवेश करने जा रहे हैं
  • वह कार्यकाल जिसके लिए आप निवेश करना चाहते हैं
  • आप अपने ब्याज को वापस से निवेश करना चाहते हैं या समय-समय पर भुगतान के रूप में प्राप्त करना चाहते हैं
  • अगर आप समय से पहले ही आपकी राशि निकालना चाहते है तो उस पर लगने वाला शुल्क

फ़िक्स्ड डिपॉज़िट भारत में उपलब्ध सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है। लेकिन अगर आप एक रूढ़िवादी निवेशक हैं, जो ऐसी निवेश योजनाओं की तलाश कर रहे हैं जो और भी सुरक्षित हैं, तो सरकार द्वारा निकाले गए अन्य विकल्प आपके लिए बेहतर हो सकते हैं। हमेशा की तरह, आपकी वित्तीय योजनाओं में उन्हें शामिल करने से पहले यह समझना है कि वे क्या करते हैं।

आप पिछले अध्याय में भविष्य निधि योजनाओं के बारे में पहले ही पढ़ चुके है। इसके अलावा, भारतीय निवेशकों के लिए कई अन्य बचत योजनाएं भी हैं। तो चलिए, उन बचत योजनाओं के बारे में जानते हैं।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)

नाम से ही पता चलता है कि NPS एक लॉन्ग टर्म निवेश है जो आपको रिटायर होने के बाद एक स्थिर पेंशन आय प्रदान करता है। यह एक सुरक्षित और कम जोखिम वाला निवेश है जो आपको कई कर लाभ प्रदान करता है।

निवेश करने की पात्रता

कोई भी भारतीय नागरिक जो निवेश के समय 18 से 65 वर्ष की आयु के बीच का हो, NPS में निवेश कर सकता है।

NPS की प्रमुख विशेषताएं

  • आपकी कुल इक्विटी को सरकारी बॉन्ड और कॉरपोरेट डेट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे निवेशों के मिश्रण में लगाया जाता है। इनमें से प्रत्येक श्रेणी में निवेश के रेशियो को आपकी उम्र और जोखिम के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।
  • एक बार कार्यकाल पूरा होने पर, आप अपनी पूंजी का 60% एकमुश्त राशि के रूप में निकाल सकते हैं। शेष हिस्सा निवेशित रहता है, जिससे आप समय-समय पर पेंशन प्राप्त करते हैं।
  • NPS में निवेश की गई ₹1,50,000 तक की राशि, टैक्स डिडक्शन u/s 80CCD (1) के योग्य है - यह 80C की एक उपधारा है।
  • 80C डिडक्शन के अलावा, NPS में ₹50,000 के निवश पर कर कटौती u/s 80CCD (1 लागू होती है।
  • आपको मैच्योरिटी के समय पर मिलने वाली राशि भी कर-मुक्त है।

राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC)

राष्ट्रीय बचत पत्र एक निवेश योजना है जो निवेशकों को एक निश्चित आय प्रदान करती है। अगर आप कम जोखिम वाले निवेश चाहते हैं, तो आप किसी भी डाकघर में आसानी से एक NSC खाता खोल सकते हैं। कम जोखिम के साथ, रिटर्न भी कम से मध्यम के बीच ही होता है।

निवेश करने की पात्रता

कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक है, NSC में निवेश कर सकता है। NRI, HUF, पार्टनरशिप फर्म और कंपनियां इस योजना में निवेश नहीं कर सकती हैं।

NSC की मुख्य विशेषताएं

  • इस योजना पर ब्याज की दर निर्धारित होती है और इसे सरकार द्वारा हर तिमाही में संशोधित किया जाता है। वर्तमान में, दर 6.8% प्रति वर्ष है।
  • इस योजना में 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।
  • इसमें ₹100 से भी निवेश शुरू कर सकते हैं।
  • निवेश की राशि पर कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
  • NSC में ₹1,50,000 तक का निवेश धारा 80C के तहत कर कटौती के लिए योग्य है।

डाक घर मासिक आय योजना (POMIS)

यह भारत सरकार द्वारा समर्थित कई डाकघर डिपॉज़िट योजनाओं में से एक है। आप चाहें तो पोस्ट ऑफिस में खाता खोलकर POMIS में निवेश शुरू कर सकते हैं।

निवेश करने की पात्रता

हर भारतीय नागरिक POMIS खाता खोल सकता है।

POMIS की मुख्य विशेषताएं

  • POMIS में 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।
  • निवेश की न्यूनतम राशि ₹1,500 और अधिकतम राशि ₹4,50,000 होती है।
  • POMIS खाते नाबालिग (माइनर) के नाम से भी खोले जा सकते हैं। माइनर के लिए न्यूनतम आयु सीमा 10 वर्ष है।
  • आप हर महीने 7.6% के फिक्स्ड रेट से ब्याज कमा सकते हैं।
  • अधिकांश अन्य सरकारी बचत योजनाओं के विपरीत, POMIS में निवेश से धारा 80C के तहत कोई कर लाभ नहीं मिलता।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)

अभी तक सभी योजनाओं के विपरीत, ये योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक निवेश का विकल्प है। यह योजना उन वरिष्ठों के लिए उपयोगी हो सकती है जो रिटायर होने के बाद भी बचत करना चाहते हैं।

निवेश करने की पात्रता

भारतीय नागरिक जो निम्न श्रेणियों में आते हैं, वे SCSS में निवेश करने के पात्र हैं:

  • 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति
  • जिन व्यक्तियों की आयु 55 वर्ष या उससे अधिक है, और जो रिटायरमेंट या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) नियमों के तहत जल्दी रिटायर हो गए हैं।
  • रिटायर्ड रक्षा कर्मी, बशर्ते उन्होंने अन्य नियमों और शर्तों को पूरा किया हो।

SCSS की मुख्य विशेषताएं

  • निवेश की न्यूनतम राशि ₹1,000 है।
  • अधिकतम राशि ₹5,00,000 से कम या रिटायरमेंट लाभ के रूप में प्राप्त राशि है।
  • लॉक-इन अवधि 5 वर्ष है। लेकिन इसके बाद, अवधि को 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • निवेश राशि पर ब्याज की दर सरकार द्वारा हर तिमाही में संशोधित की जाती है। हालाँकि, एक बार जब आप निवेश कर देते हैं, तो भविष्य में कोई भी संशोधन आपकी आय को प्रभावित नहीं करता है।
  • वर्तमान में, ब्याज दर 7.4% है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

यह योजना विशेष रूप से भारत सरकार द्वारा बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई थी। यह एक लंबी अवधि का निवेश विकल्प है जो गारंटीत रिटर्न प्रदान करता है और इसमें जोखिम भी कम होता है।

निवेश करने की पात्रता

अगर आप 10 वर्ष या उससे कम आयु की बालिका के प्राकृतिक या कानूनी अभिभावक हैं, तो आप सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोल सकते हैं। आप केवल दो बालिकाओं के लिए ही खाता खोल सकते हैं। अगर परिवार में दूसरा जन्म जुड़वाँ बच्चियों का होता है, या अगर पहला जन्म तीन बालिकाओं का होता है, तो आप तीन बालिकाओं के लिए खाता खोल सकती हैं।

SSY की प्रमुख विशेषताएं

  • यह योजना 7.6% की ब्याज दर प्रदान करती है।
  • निवेश की गई राशि, ब्याज के रूप में अर्जित की गई राशि और निकाली गई राशि, सभी कटौती योग्य या कर-मुक्त हैं।
  • एक वित्तीय वर्ष में निवेश की जाने वाली न्यूनतम राशि ₹1,000 है।
  • एक वित्तीय वर्ष में ₹1,50,000 तक अधिकतम निवेश किया जा सकता है 
  • खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद निवेश मैच्योर होता है।

निष्कर्ष

ये बचत योजनाएं और निवेश विकल्प आपको अपने पैसे को ऐसे प्लान में लगाने में मदद कर सकते हैं जो समय के साथ धन बढ़ाने में मदद करेंगे। ये सभी निवेश विकल्प तुलनात्मक तौर पर कम जोखिम वाले हैं, इसलिए ये रूढ़िवादी निवेशकों के लिए आदर्श विकल्प हैं। इन निवेशों के अलावा, अपने पोर्टफोलियो में बीमा को जोड़ना भी एक समझदारी का कदम है। और जैसा कि हमने पहले इस मॉड्यूल में देखा था, बीमा दो प्रकार का हो सकता है - जीवन बीमा और सामान्य बीमा। हम आने वाले अध्याय में इस प्रकार के बीमा के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करेंगे।

अब तक आपने पढ़ा

  • फिक्स्ड डिपॉज़िट एक निवेश है जो बैंकों और NBFC द्वारा प्रदान किया जाता है। यह निवेशकों को एक निश्चित राशि जमा करने की सुविधा देता है, ताकि वे उस राशि पर ब्याज कमा सकते हैं।
  • आप चाहें तो FD के ब्याज को फिर से निवेश किया जा सकता है।
  • फिक्स्ड डिपॉज़िट आपको मासिक भुगतान प्राप्त करने का विकल्प भी देता है। जब आप मासिक भुगतान विकल्प चुनते हैं, तो आप अपनी निवेश अवधि के दौरान हर महीने एक निश्चित ब्याज प्राप्त करेंगे।
  • आपको बस अपनी पसंद के बैंक से संपर्क करके, उनके साथ एक FD खाता खोलना है। अधिकतर बैंक और NBFC घर बेठे FD खुलवाने की सुविधा भी प्रदान करते हैं।
  • भारत में कई अन्य बचत योजनाएं भी हैं, जैसे NPS, NSC, POMIS, SCSS और SSY
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