Module for ट्रेडर्स

मुद्राओं और जिंसों का परिचय

ओपन फ्री * डीमैट खाता लाइफटाइम के लिए फ्री इक्विटी डिलीवरी ट्रेड का आनंद लें

मुद्रा व्यापार शुरू करने से पहले, इन 10 अहम वार्षिक घटनाओं के बारे में जानें

icon

जैसा कि आप अब जान चुके हैं कि मुद्राओं का व्यापार जोड़े में होता है। तो जब आप USD-INR जोड़ी में डॉलर को खरीदते हैं, इस उम्मीद से कि डॉलर का मूल्य बढ़ेगा तब आप तकनीकी रूप से INR के लिए उलटी अपेक्षा करते हैं।

ऐसी स्थिति में आपके लिए कुछ ऐसी घटनाओं से अवगत होना आवश्यक है जो USD-INR मुद्रा जोड़ी की दरों को प्रभावित कर सकती हैं, है ना? दरअसल, आपको किसी भी मुद्रा को प्रभावित करने वाली घटनाओं के बारे में पता होना चाहिए ताकि आप उस एसेट के बारे में सोचा समझा मुद्रा व्यापार निर्णय ले सकें।  इस अध्याय में इसके बारे में ही चर्चा करने जा रहे हैं। 

यहां 10 महत्वपूर्ण घटनाएँ और डाटा पॉइंट्स पर एक संक्षिप्त जानकारी है, जो आपको एक व्यापारी के तौर पर,  मुद्रा व्यापार करने से पहले पता होनी चाहिए। 

1. जीडीपी विकास दर के आंकड़े

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ा एक मेट्रिक है जिसका उपयोग किसी निश्चित अवधि में देश में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को मापने के लिए किया जाता है। 

जीडीपी की वृद्धि दर,  दो निश्चित समय अवधि के बीच जीडीपी के बढ़ने की दर को मापती है। उदाहरण के तौर पर, वर्ष 2018-2019 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.1% थी, जिसका अर्थ है कि पिछले वर्ष की तुलना में उस वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.1% थी।

जीडीपी की उच्च दर का मतलब है कि देश तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे यह निवेश के लिए बहुत अनुकूल बन गया है। इससे देश की मुद्रा मज़बूत होती है और इसलिए उसका मूल्य भी बढ़ जाता है। अधिकांश देश हर वित्तीय वर्ष के साथ-साथ वर्ष की प्रत्येक तिमाही में जीडीपी विकास दर के आंकड़े जारी करते हैं।

2. नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ा

गैर-कृषि पेरोल यॉ नॉन-फार्म  पेरोल(NFP) आंकड़ा अमेरिका के लिए होता है। अगर आप USD से संबंधित मुद्रा जोड़े में व्यापार कर रहे हैं, तो यह आंकड़ा आपके मुद्रा व्यापार की गतिविधि को निर्देशित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। NFP आंकड़ा ,जॉब आंकड़े की एक मासिक रिपोर्ट है और यू.एस. ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स द्वारा जारी किया जाता है। यह आपको गैर-कृषि क्षेत्रों में नौकरी और रोज़गार के आंकड़ों की विस्तृत जानकारी देता है।

एक उच्च गैर-कृषि पेरोल मेट्रिक का मतलब है कि अधिक नौकरियां पैदा हो रही हैं और लोगों को रोज़गार मिल रहा है, जो बढ़ती अर्थव्यवस्था का संकेत है। इसके विपरीत,  कम NFP  मेट्रिक यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो रही है। अगर NFP का हर महीने जारी किया गया आंकड़ा बाज़ार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है तो USD कमज़ोर हो जाता है और मूल्य खो देता है।

3. बेरोज़गारी की दर

ज़ाहिर तौर पर, बेरोज़गारी दर एक मेट्रिक है जो किसी देश में बेरोज़गारी श्रमिकों के प्रतिशत को दर्शाता है। यह देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति का एक बहुत अच्छा संकेतक है। मानो या न मानो, यह दर, मुद्रा की विनिमय दर की गतिविधि को निर्धारित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। एक उच्च दर ना केवल यह संकेत देती है कि अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो गई है, बल्कि एक देश की जीडीपी को भी प्रभावित करती है, क्योंकि बेरोज़गारी का मतलब है कि वस्तुओं और सेवाओं की खरीद कम होगी।   

4. ब्याज दर की घोषणाएं

उधार देने की ब्याज दर (लेंडिंग इंटरेस्ट रेट) वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को पैसा उधार देता है। भारतीय रिजर्व बैंक, फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसे केंद्रीय बैंक अपनी मॉनिटरी पॉलिसी कमीटियों के माध्यम से उधार ब्याज दरों और मॉनिटरी पॉलिसी के रुख के बारे में नियमित घोषणा करते हैं। विभिन्न केंद्रीय बैंकों की मॉनिटरी पॉलिसी कमीटियों द्वारा ब्याज दर की घोषणाएं आमतौर पर हर तिमाही में की जाती हैं।

उधार देने की दर में वृद्धि से उधार लेने वाला पैसा महंगा हो जाएगा,  इससे अर्थव्यवस्था में धन का प्रचलन होगा। यह एक देश में मुद्रा का मूल्य बढ़ाएगा। 

5. उपभोक्ता मूल्य इंडेक्स (CPI) आंकड़ा

उपभोक्ता मूल्य इंडेक्स / कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स को कॉस्ट ऑफ लिविंग इंडेक्स के रूप में भी जाना जाता है। उपभोक्ता मूल्य इंडेक्स (CPI) आंकड़ा एक मेट्रिक है जो महंगाई को मापता है। जैसा कि हमने पिछले अध्याय में देखा था कि महंगाई की एक उच्च दर, एक मुद्रा के मूल्य के गिरने का कारण बन सकती है। हालांकि एक उच्च CPI, देश के केंद्रीय बैंक को अपनी ब्याज दरों को बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है जिससे मुद्रा के मूल्य में बढ़ोतरी होती है। ज्यादातर देशों में CPI आंकड़ा मासिक आधार पर सूचित किया जाता है।

6. परचेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स आंकड़ा

परचेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स संकेतकों की एक श्रृंखला है जो उद्योगों में आर्थिक ट्रेंड्स को मापता है। इसमें उत्पादन और सेवा क्षेत्र दोनों शामिल हैं। इस आंकड़े का उपयोग विश्लेषकों द्वारा यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, वह स्थिर है या सिकुड़ रही है। अगर किसी देश का PMI कम है तो उस देश का केंद्रीय बैंक आमतौर पर हस्तक्षेप करेगा और उत्पादकता और खपत को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों को कम करेगा। इसके बाद देश की मुद्रा के मूल्य में गिरावट आएगी। 

Learning & Earning is now super simple

icon

₹ 0 Equity Delivery

No Hidden Charges

icon

₹ 20 Per Order For Intraday

FAQ,Currencies & Commodities

icon

ZERO Brokerage*

on ALL Segments

icon

FREE Margin

Trade Funding

7. कोर रीटेल सेल्स डाटा

कोर रीटेल सेल्स डाटा अमेरिका से संबंधित है।  यह एक आर्थिक संकेतक है जो कुल खुदरा बिक्री के आंकड़े (ऑटोमोबाइल और गैसोलीन बिक्री को छोड़कर) को दर्शाता है। यह मेट्रिक हर महीने जारी किया जाता है और यह देश की अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को दर्शाता है क्योंकि यह उपभोक्ता द्वारा खर्च के स्तर को मापता है। एक उच्च कोर रीटेल सेल्स आंकड़ा अच्छा मानना जाता है और इससे मुद्रा का मूल्य बढ़ता है। 

8. कंज़्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स और कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स

कंज़्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स और कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स, दोनों उपभोक्ताओं की भावनाओं के संकेतक हैं। मज़बूत उपभोक्ता इंडेक्स तेज़ी के संकेत होते हैं, जबकि कमजोर उपभोक्ता इंडेक्स देश की मुद्रा के मूल्य को नीचे ला सकते है। यह आंकड़ा मुख्य रूप से अमेरिका में परिचालित है।

9. औद्योगिक उत्पादन इंडेक्स/ इंडस्ट्रियल  प्रोडक्शन इंडेक्स

जैसा कि नाम से पता चलता है औद्योगिक उत्पादन इंडेक्स एक संकेतक है जो निर्माण, खनन, गैस और विद्युत उपयोगिताओं के क्षेत्रों में उत्पादन के स्तर को दर्शाता है। यह इंडेक्स अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा हर महीने प्रकाशित किया जाता है और यह देश की अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का एक अच्छा संकेतक है।

10. चुनाव

जैसा कि हमने पहले देखा, अनिश्चितता एक निवेशक का सबसे बुरा सपना है।  आमतौर पर चुनावों के लिए तैयार हो रहे देश में चारों ओर राजनीतिक अनिश्चितता फैली होती है। कभी-कभी ऐसी अनिश्चितता किसी देश की मुद्रा के विमूल्यन में भूमिका निभा सकती है। ऐसी स्थिति में व्यापारी और निवेशक आमतौर पर बाज़ार की निगरानी करने के लिए रुके रहते हैं और चुनाव परिणाम आने तक इंतजार करते हैं। हालांकि परिणाम घोषित होने के बाद, संबंधित देश की मुद्रा में अस्थिरता स्पष्ट रूप से, तेज़ी या मंदी के रूझान के साथ रफ्तारर से आगे बढ़ती है। 

निष्कर्ष

इसके साथ हमने इस अध्याय को पूरा कर लिया है। हमेशा याद रखें,  मुद्रा व्यापार शुरू करने से  पहले, ऊपर बताए गए सभी घटनाओं को आधार मुद्रा और कोट मुद्रा, दोनों के दृष्टिकोण से देखने में ही समझदारी है। अगला अध्याय बहुत ही दिलचस्प है क्योंकि हम विभिन्न मुद्राओं और ट्रेडिंग प्रक्रिया की बारीकियों को जानने वाले हैं। तो चलिए आगे बढ़ते रहिए।    

अब तक आपने पढ़ा

  • सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ा एक मेट्रिक है जिसका उपयोग किसी निश्चित अवधि के दौरान, किसी देश द्वारा उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को मापने के लिए किया जाता है।
  • जीडीपी की उच्च दर का मतलब है कि देश तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे यह निवेश के लिए बहुत ही अनुकूल गंतव्य बन गया है। यह मुद्रा को मज़बूत कर उसका मूल्य बढ़ाता है।
  • गैर-कृषि पेरोल (NFP) आंकड़ा अमेरिका से संबंधित है। अगर आप USD से संबंधित मुद्रा जोड़े में व्यापार करते हैं तो यह आंकड़ा आपके ट्रेड को निर्देशित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
  • एक उच्च गैर-कृषि पेरोल आंकड़े का मतलब है कि देश में अधिक नौकरियां पैदा हो रही हैं और लोगों को रोज़गार दिया जा रहा है, जो बढ़ती अर्थव्यवस्था का संकेत है।
  • बेरोज़गारी की उच्च दर यह दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था धीमी हो गई है। यह किसी देश की जीडीपी को भी प्रभावित करता है क्योंकि बेरोज़गारी का मतलब है कि वस्तुओं और सेवाओं की कम खरीद होगी।
  • केंद्रीय बैंक की उधार दर में वृद्धि से उधार लेने वाला पैसा महंगा हो जाएगा और इसलिए इससे अर्थव्यवस्था में धन का प्रचलन कम होगा। यह देश की मुद्रा के मूल्य को बढ़ाएगा।
  • उपभोक्ता मूल्य इंडेक्स (सीपीआई)  आंकड़ा, एक मेट्रिक है जो महंगाई को मापता है। एक उच्च सीपीआई देश के केंद्रीय बैंक को अपनी ब्याज दरों को बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है,  जिससे  मुद्रा के मूल्य में बढ़ोतरी होती है।
  • परचेसिंज मैनेजर्स इंडेक्स संकेतकों की एक श्रृंखला है जो उद्योगों में आर्थिक ट्रेंड्स को मापता है। अगर किसी देश का PMI कम है, तो इससे देश की मुद्रा के मूल्य में गिरावट आएगी।
  • कोर रीटेल सेल्स डाटा अमेरिका से संबंधित है। ये एक आर्थिक संकेतक है जो कुल खुदरा बिक्री के आंकड़े (ऑटोमोबाइल और गैसोलीन बिक्री को छोड़कर) को दर्शाता है।  एक उच्च मूल खुदरा बिक्री आंकड़ा अच्छा मानना जाता है और इससे मुद्रा का मूल्य बढ़ता है। 
  • मजबूत उपभोक्ता इंडेक्स तेजी का संकेत हैं, जबकि कमजोर उपभोक्ता इंडेक्स देश की मुद्रा के मूल्य को नीचे ला सकती है।
  • औद्योगिक उत्पादन इंडेक्स और चुनाव भी किसी देश की मुद्रा दरों को प्रभावित करते हैं।
icon

अपने ज्ञान का परीक्षण करें

इस अध्याय के लिए प्रश्नोत्तरी लें और इसे पूरा चिह्नित करें।

टिप्पणियाँ (0)

एक टिप्पणी जोड़े

Get Information Mindfulness!

Catch-up With Market

News in 60 Seconds.


The perfect starter to begin and stay tuned with your learning journey anytime and anywhere.

Visit Website
logo logo

Get Information Mindfulness!

Catch-up With Market

News in 60 Seconds.

logo

The perfect starter to begin and stay tuned with your learning journey anytime and anywhere.

logo
logo

के साथ व्यापार करने के लिए तैयार?

logo
Open an account